डीएमके के पी विल्सन ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे के साथ सत्ता में आयी थी किंतु आज यह बदल कर हो गया है, ‘‘सबका बोझ इनका विकास’’। उन्होंने कहा कि यह वित्त विधेयक नारों के अलावा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती आय असमानता और सरकार की मध्यम एवं कम आय वर्ग के लोगों के प्रति बेपरवाही, चिंता का विषय है। विल्सन ने कहा कि मौजूदा नीतियों के अनुसार दक्षिण के राज्यों से अधिक कर वसूला जाता है किंतु केंद्र की ओर से उत्तर भारत के कई राज्यों को अधिक धन आवंटित किया जाता है।





