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Sajjangarh Bio Park Udaipur: उदयपुर स्थित सज्जनगढ़ बायो पार्क में जल्द ही फिर से बाघों की दहाड़ सुनाई दे सकती है. वन विभाग ने नागपुर जू से नए टाइगर जोड़े को लाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके बदले सज्जनगढ़ बायो पार्क से भेड़ियों को नागपुर भेजा जाएगा. इस वन्यजीव अदला-बदली का उद्देश्य बायो पार्क में पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाना और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना है. नए बाघों के आने से पार्क में रोमांच और गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन को भी फायदा मिलेगा. लंबे समय से पर्यटक यहां बाघ देखने की मांग कर रहे थे. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही टाइगर जोड़ा उदयपुर पहुंच सकता है.
वन विभाग अधिकारियों के अनुसार, टाइगर जोड़े के बदले बायो पार्क से एक या दो भेड़ियों के जोड़े नागपुर जू भेजे जाएंगे.इस एक्सचेंज प्रोग्राम का उद्देश्य विभिन्न जू और बायो पार्कों में वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के साथ उनकी प्रजातियों के संरक्षण को मजबूत करना है.

ऐसे में नए चौसिंगों के आने से इनके प्रजनन और संरक्षण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. जानकारी के अनुसार, चौसिंगों के बदले भी भेड़ियों का एक जोड़ा बिलासपुर जू भेजा जाएगा.वन विभाग का कहना है कि इस तरह के एक्सचेंज प्रोग्राम से अलग-अलग जू में जैव विविधता बढ़ती है और वन्यजीवों के संरक्षण में मदद मिलती है.

सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहले से ही पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच खास पहचान रखता है. यहां शेर, तेंदुए, मगरमच्छ, हिरण और कई दुर्लभ वन्यजीव मौजूद हैं. अब नए टाइगर जोड़े और चौसिंगों के आने की खबर से वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो इस साल के आखिर तक उदयपुर का बायो पार्क फिर से बाघों की दहाड़ से गूंजता नजर आएगा.
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघों को लाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. बाड़ों की सुरक्षा, खानपान और मेडिकल सुविधाओं को लेकर भी व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं ताकि नए वन्यजीवों को यहां किसी तरह की परेशानी न हो. सिर्फ टाइगर ही नहीं, बल्कि बायो पार्क में अन्य वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जू से चार चौसिंगा लाने की योजना बनाई गई है.

फिलहाल सज्जनगढ़ बायो पार्क में केवल मादा बाघिन विद्या मौजूद है. नर बाघ कुमार की मौत के बाद से पार्क में बाघों की संख्या कम हो गई थी और पर्यटकों में भी पहले जैसा उत्साह देखने को नहीं मिल रहा था. ऐसे में नए टाइगर जोड़े के आने से बायो पार्क की रौनक एक बार फिर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है. वन विभाग का मानना है कि इससे पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी और वन्यजीव संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी.

उदयपुर के सज्जनगढ़ सेंचुरी स्थित बायोलॉजिकल पार्क में एक बार फिर बाघों की दहाड़ गूंजने की तैयारी शुरू हो गई है. वन विभाग ने एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत महाराष्ट्र के नागपुर जू से नए टाइगर जोड़े को लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है.इसके लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) को प्रस्ताव भेजा गया है.अनुमति मिलते ही बाघों के इस नए जोड़े को उदयपुर लाया जाएगा.





