केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर शनिवार को एक बड़ा कदम उठाया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत विदेशी व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने नई अधिसूचना जारी करते हुए सिल्वर बार्स समेत चांदी की कई श्रेणियों के आयात को ‘फ्री’ से बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में डाल दिया है। इसका मतलब है कि अब इन वस्तुओं के आयात के लिए सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
डीजीएफटी की अधिसूचना संख्या 17/2026-27 के अनुसार आईटीसी (एचएस) कोड 71069221 और 71069229 के तहत आने वाली सिल्वर बार्स पर नई शर्तें लागू की गई हैं। पहले इनका आयात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नियमों के अधीन ‘फ्री’ कैटेगरी में किया जा सकता था, लेकिन अब इन्हें ‘रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में रखा गया है।
सरकार ने केवल सिल्वर बार्स ही नहीं, बल्कि बिना ढली हुई चांदी (कच्ची सिल्वर), अर्ध-निर्मित चांदी (सेमी-मैन्युफैक्चर्ड सिल्वर) और चांदी के पाउडर जैसे उत्पादों के आयात पर भी सख्ती बढ़ाई है। अब इन श्रेणियों में आयात करने के लिए संबंधित सरकारी अनुमति जरूरी होगी।
कुछ मामलों में आयात को आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अधीन भी रखा गया है। यह बदलाव आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत आयात नीति अनुसूची में संशोधन करके किया गया है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश का कीमती धातुओं का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार सोना और चांदी के आयात पर निगरानी बढ़ाकर विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम करना चाहती है।





