पुराने जमाने का सुपरहिट इलाज, AC भी पड़ जाएगा फीका! गर्मी से बचाव के 5 देसी घरेलू उपाय


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Home Remedies: बुंदेलखंड में पहले लोग गर्मी से बचने के लिए प्राकृतिक और पारंपरिक उपाय अपनाते थे. कच्चे आम का पना, प्याज, बेर, भर्ता और सत्तू जैसे देसी खाद्य पदार्थ लू, डिहाइड्रेशन और कमजोरी से बचाने में मदद करते थे.

Home Remedies: सागर सहित बुंदेलखंड में गर्मी के इस मौसम में खूब तप रहा है लोग गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय अपना रहे हैं. एक तरफ जहां कूलर पंखा एसी का सहारा ले रहे तो दूसरी तरफ आइसक्रीम कोल्ड ड्रिंक, नीबू पानी, नारियल पानी, लस्सी जैसे पेय पदार्थ का इस्तेमाल कर रहे हैं. खाने में फलों का इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है जब कूलर पंखा नहीं होते थे और कोई एनर्जी ड्रिंक नहीं मिलते थे तब लोग किस तरह से गर्मियों का समय निकालते होंगे. कौन सी चीजे खाने में इस्तेमाल करते थे. बिना बीमार हुए पूरा गर्मी का सीजन निकाल देते थे. तो इसके लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते थे, जो प्रकृति से पूरी तरह से जुड़े हुए रहते थे और जिससे लू से बचाव होता था. इसके अलावा डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं नहीं होती थी और इम्यूनिटी भी बनी रहती थी.

सागर की 70 वर्षीय दादी द्रोपदी बाई बताती है कि वो लोग शुरू से ही कच्चे आम, प्याज नींबू जैसी चीजों का उपयोग गर्मी के मौसम में करते आ रहे हैं, जिसमें सबसे सरल यह है कि चूल्हे की आग में कच्चे आम को अच्छी तरह से भून लें, भुनने के बाद उसे साफ करें फिर पानी मिलाकर नमक, मिर्च अपने स्वाद अनुसार डालकर पना बनाकर पी लें. कई लोग इसमें शक्कर या गुड भी मिक्स कर लेते हैं, जिससे टेस्ट और बढ़ जाता है. जब कोई धूप में कहीं निकलना जाने वाला है तो इसको अपनाता है.

गर्मी में प्याज खाने के फायदे
गर्मी के मौसम में प्याज भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है जब कोई धूप में घर से निकलता है तो वह अपने प्याज को जेब में रखकर ले जाता है तो धूप की जो नमी होती है वह प्याज सूखती रहती है जिससे लू नहीं लगती है. इसके अलावा प्याज को कच्चा खाना भोजन के साथ अच्छा रहता है और प्याज को भूनकर भी खाया जाता है. यह गर्मी के मौसम में ठीक रहता है, जो लोग वैसे कभी ब्याज नहीं खाते हैं लेकिन गर्मी शुरू होते ही सेहत को ध्यान में रखकर प्याज खाते रहते हैं.

गर्मी के मौसम में बेर भी लोग कहते हैं इनको अलग-अलग तरह से उपयोग करते हैं जब सर्दियों के मौसम में या पेड़ों से टपकती हैं तो लोग इनको एकत्रित करके सुखा कर रख लेते हैं कुछ लोग यह सुख फल खाना ही पसंद करते हैं कुछ लोग इसको उबालकर रेसिपी बना लेते हैं और कुछ लोग इसको पाउडर फॉर्म में कर लेते हैं जैसे मुरचन कहते हैं, फिर इसमें अपने स्वाद अनुसार नमक मिर्च शक कर जैसी चीजों को मिलाकर खाते हैं.

बुंदेलखंड में गर्मी के मौसम में जो ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सबसे अधिक चीज गर्मी से बचाव के लिए उपयोग की जाती है वह आलू अमिया (कच्चा आम) , भटा, प्याज को चूल्हे की आग में भून कर भर्त बनाया जाता है, इसमें स्वाद अनुसार नमक मिर्च जीरा जैसी चीजों को भी मिल लिया जाता है और फिर इसे अपनी भोजन की थाली में परोस कर रोते के साथ बड़े चाव के साथ लोग खाते हैं. और यह फार्मूला बीते कई दशकों से चला रहा है. चना जवा जीरा धनिया से बनने वाला सत्तू भी सुपर फूड एनर्जी ड्रिंक के रूप में उपयोग किया जाता हैं धूप में निकलने से पहले इसके दूध या पानी में घोलकर पी सकते हैं.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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