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Dehradun News: डायलासिस या किडनी के मरीजों में यूरिया और क्रिएटिनिन ज्यादा बढ़ जाता है. जिन लोगों का क्रिएटिनिन 2 से ज्यादा बढ़ जाता है और यूरिया में भी 60 से ज्यादा वृद्धि हो जाती है, इसका मतलब आपको संभलने की जरूरत है. एक्सपर्ट ने इसको लेकर खास जानकारी दी है और बताया है कि ऐसे लोगों को किन बातों का ध्यान देने की जरूरत है.
देहरादून: आज के समय में कई मरीज किडनी में दिक्कत के चलते डायलिसिस पर चले जाते हैं. वहीं कुछ लोगों को मूत्र और किडनी रोग होते हैं. वहीं इंसान के शरीर में शुगर लेवल की तरह पोटेशियम लेवल भी होता है. अगर गलत खानपान होता है तो लोगों के शरीर में पोटेशियम लेवल बढ़कर बहुत गम्भीर रूप ले लेता है. वहीं डायलासिस पर जाने वाले लोगों को भी डाइट का ध्यान रखना चाहिए. किडनी के मरीज ही नहीं, पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होने पर दिल की धड़कनें अनियमित हो सकती हैं, जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट या दिल का दौरा पड़ने का खतरा रहता है.
डायलासिस या किडनी के मरीजों के लिए जहर
देहरादून के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि डायलासिस या किडनी के मरीजों में यूरिया और क्रिएटिनिन ज्यादा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का क्रिएटिनिन 2 से ज्यादा बढ़ जाता है और यूरिया में भी 60 से ज्यादा वृद्धि हो जाती है, इसका मतलब आपको संभलने की जरूरत है. डाइट अगर सही से ली जाए तो किडनी को बचाया जा सकता है, वरना आपकी गलत डाइट आपके लिए जहर साबित हो सकती है.
उन्होंने कहा कि किडनी और डायलिसिस के मरीजों के लिए वह चीजें खतरनाक हैं, जिनमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा पाई जाती है. उन्होंने कहा कि धनिया, आलू, टमाटर, केला, संतरा, आम, पालक जैसी चीजों को खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें पोटेशियम की अधिक मात्रा में पाई जाती है. सब्ज़ियों को उबालकर पकाने से पोटेशियम कम हो जाता है. इसके बढ़ने से आपकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और त्वचा में भयानक खुजली की समस्या हो सकत है. पोटेशियम लेवल बढ़ने से किडनी फंक्शन में दिक्कत होती है और शरीर में टॉक्सिन्स का स्तर तेजी से बढ़ सकता है.
दिल का दौरा पड़ने का खतरा
उन्होंने कहा है कि जरूरत से ज्यादा पोटेशियम सिर्फ किडनी को ही नुकसान नहीं पहुंचता, इससे आपको गंभीर समस्याएं जैसे उल्टी, थकान, हड्डियों में कमजोरी, फेफड़ों में पानी भरना और जानलेवा दिल का दौरा तक का खतरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि आप अपनी डाइट में गाजर, मूली, पत्ता गोभी, ब्लू बेरी, अनार, सेब, अनानास और फ्रेंच बीन शामिल कर सकते हैं, जो आपके लिए फायदेमंद है. किडनी के मरीजों को मछली, रेड मीट, राजमा, रिफाइंड ,देसी घी, बटर,उड़द और छोले के सेवन से बचना चाहिए. खाना बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी का कच्ची घानी का सरसों का तेल यूज करना चाहिए. इसके अलावा आप एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का उपयोग भी कर सकते हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.





