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Madhubani Doka Snail Benefits: मधुबनी में बारिश के बाद खेतों और तालाबों में दिखने वाला डोका नामक स्नेल को लोग बहुत ही पसंद करते हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार मिट्टी खाने वाला ये शुद्ध जीव है. इसका मीट कैंसर और टीबी मरीजों के लिए रामबाण से कम नहीं है.
मधुबनी: डोका जो आमतौर पर इस समय ज्यादा दिखाई देता है. इस जीव के बारे में कहा जाता है कि ये शुद्ध होता है, क्योंकि यह केवल मिट्टी खाता है. हालांकि इस जीव को पानी और मिट्टी से निकालने पर भी एक माह तक जीवित रहता है और कैंसर पीड़ित लोगों के लिए इसका मीट खाना काफी फायदेमंद माना जाता है. आइये जानते हैं इस जीव के बारे में.
डोका खानें के फायदें
डोका (snail) आपको काफी दिखाई देगा, क्योंकि बारिश हुई है और पानी खेतों में लगता है तो यह ज्यादा दिखाई देता है. खेतों में मिट्टी में सटा हुआ होता है. यह कीचड़ या तालाब में भी होता है. यह कीचड़ या तालाब के किनारे अधिक मात्रा में दिखाई देता है. डोका (snail) घोंघा नहीं, उसी की एक प्रजाति है, जिसे लोग खाते हैं. यह मिट्टी से निकलने पर भी एक से डेढ़ महीने तक जिंदा रह सकता है. यह मरता नहीं है. जब इसका मीट पकाना हो तो उसके खोली ( स्कल) निकाल दिया जाता है. फिर इसका मटन बनाकर लोग खाते हैं, जो कहते हैं कि कैंसर मरीजों के लिए वरदान होता है. शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद पुराने लोग मानते हैं.
आमतौर पर मिथिलांचल के लोग इसके कई फायदे बताते हैं. खासकर अगर कोई कैंसर ,टीवी से बीमार है तो इसे खाना चाहिए. खेतों से चुनकर बेच रही बुजुर्ग महिला फुलकी देवी लोकल 18 की टीम ने खास बातचीत की. वह कहती हैं कि डोका को खेतों से, पानी से बाहर महीने भर भी रख दिए तो यह जिंदा ही रहेगा. वह पॉलीथिन में रखकर कही टांग देती हैं. ताकि यह चल न सके. बारिश के समय यह अधिक मिलता है. वैसे भी तालाब या पानी वाली जगह में यह हमेशा पाया जाता है.
डोका का मीट होता है बहुत ही फायदेमंद
आपको बता दे मैथिल लोग घर डोका मटन को बहुत शुद्ध मानते है. क्योंकि यह केवल मिट्टी ही खाता है और मिट्टी पानी में ही रहता है. इसलिए कई बिमारियों के लिए भी वरदान है डॉक्टर भी कहते है डोका खाइए. इसके अलावा यहां सावन में इसके खोली ( स्कल) का इस्तेमाल पूजा घर में भी की जाती हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें





