ज्‍यादा स‍िमकार्ड हैं आपके पास, सरकार पब्‍ल‍िश करने जा रही फोटो, जानें क्‍या है न‍ियम


आजकल ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड बहुत बढ़ गए हैं. कई बार फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करके लोग बैंक खाते खाली कर देते हैं या दूसरे अपराध करते हैं. इसे रोकने के लिए दूरसंचार विभाग अब सिम कार्ड देने के नियमों को और कड़ा बनाने जा रहा है. नया नियम यह है कि एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड ही दिए जाएंगे. इससे ज्यादा सिम कोई नहीं ले सकेगा. जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में यह सीमा और कम रखी गई है. इन इलाकों में एक व्यक्ति के नाम पर सिर्फ 6 सिम कार्ड ही मिल सकेंगे.

सरकार का मानना है कि ज्यादा सिम कार्ड रखने से फर्जी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, इसलिए सीमा लगाना जरूरी है. इसी हफ्ते से एक नई व्यवस्था शुरू हो रही है. जिन लोगों के नाम पर पहले से 9 सिम कार्ड एक्टिव हैं, उनकी फोटो डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर डाल दी जाएगी. यह प्लेटफॉर्म एक तरह का डिजिटल सिस्टम है जो हर व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं, इसकी निगरानी करता है.

इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद जानकारी टेलीकॉम कंपनियों, संबंधित विभागों और अधिकारियों को दिखाई देगी. टेलीकॉम कंपनियां जैसे जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया इस प्लेटफॉर्म पर फोटो और डिटेल्स देखकर आसानी से पहचान लेंगी कि कौन सा व्यक्ति पहले ही लिमिट पार कर चुका है. ऐसे लोगों को नया सिम कार्ड बिल्कुल नहीं दिया जाएगा. यानी अगर आपके नाम पर पहले से 9 सिम हैं, तो आप नया नंबर नहीं ले पाएंगे.

यह व्यवस्था फर्जी सिम बनाने और बेचने वालों पर भी लगाम लगाएगी. पूरे प्रोसेस को 30 नवंबर 2026 तक रियल-टाइम सिस्टम में शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है.

रियल-टाइम का मतलब है कि जब भी कोई नया सिम कार्ड एक्टिवेट किया जाएगा, उसी समय डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म से चेक होगा कि उस व्यक्ति के नाम पर पहले से कितने कनेक्शन हैं. अगर सीमा पूरी हो चुकी है तो तुरंत रोक लगा दी जाएगी.

इससे धोखाधड़ी वाले सिम कार्ड जारी होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी. सरकार का यह कदम मुख्य रूप से साइबर अपराधों को रोकने के लिए उठाया गया है. फर्जी सिम कार्ड से OTP चुराकर बैंक फ्रॉड, ऑनलाइन स्कैम और दूसरे अपराध आसानी से हो जाते हैं.

अब एक व्यक्ति के पास सीमित सिम होने से ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा. आम लोगों को भी फायदा होगा क्योंकि अनावश्यक सिम कार्ड कम होंगे और सिस्टम ज्यादा सुरक्षित बनेगा. ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से ही सिम कार्ड रखें.

अगर किसी के पास जरूरत से ज्यादा सिम हैं तो उन्हें सरेंडर कर दें. इससे भविष्य में नया सिम लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी. टेलीकॉम कंपनियां भी अब और सतर्क रहेंगी और नियमों का सख्ती से पालन करेंगी.  यह नया नियम साइबर फ्रॉड से लड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम है. सिम कार्ड की संख्या पर नियंत्रण रखकर सरकार डिजिटल दुनिया को ज्यादा सुरक्षित बनाना चाहती है. आम नागरिकों को भी इन नियमों की जानकारी रखनी चाहिए ताकि कोई परेशानी न हो.



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Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

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