डोंगरगढ़, 08 सितंबर 2026।
डोंगरगढ़ उपकोषालय में वर्षों से संचालित स्टाम्प सेवा को सुरक्षा के नाम पर राजनांदगांव जिला कोषालय के स्ट्रांग रूम में स्थानांतरित किए जाने के निर्णय पर जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) के सचिव विष्णु लोधी ने कड़ी आपत्ति जताई है। डोंगरगढ़ उपकोषालय के कोर्ट फी, रेवेन्यू टिकट, स्पेशल एडहेसिव एवं जनरल स्टाम्प को राजनांदगांव के स्ट्रांग रूम में 3 सितंबर 2026 से स्थानांतरित कर दिया गया है।
विष्णु लोधी ने कहा कि सिर्फ सुरक्षा का हवाला देकर जनता को वर्षों से मिल रही सुविधा छीन लेना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पहले राजनांदगांव जिला वर्तमान से कहीं बड़ा था और उसमें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जैसे क्षेत्र भी शामिल थे, तब डोंगरगढ़ में स्टाम्प की यह व्यवस्था वर्षों तक सुरक्षित रूप से चलती रही। आज जब जिले का आकार छोटा हो चुका है, तब अचानक सुरक्षा का ऐसा कौन-सा खतरा पैदा हो गया कि डोंगरगढ़ की व्यवस्था ही समाप्त कर दी गई?
उन्होंने कहा, “जिला छोटा हुआ है, सुरक्षा व्यवस्था कमजोर नहीं हुई है।” यदि बड़े जिले में डोंगरगढ़ की स्टाम्प व्यवस्था सुरक्षित थी, तो छोटे जिले में इसे सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती? सुरक्षा के नाम पर सुविधा समाप्त करना आसान रास्ता है, लेकिन जनता को सुविधा देना ही सुशासन की असली कसौटी है।
राजनांदगांव जाने को मजबूर होगी जनता
विष्णु लोधी ने कहा कि इस निर्णय का सीधा असर आम नागरिकों और स्टाम्प वेंडरों पर पड़ेगा। छोटे-छोटे शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए लोगों को डोंगरगढ़ से राजनांदगांव जाना पड़ेगा। इससे उनका समय, धन और श्रम तीनों खर्च होंगे। वहीं वर्षों से डोंगरगढ़ में स्टाम्प व्यवसाय से जुड़े वेंडरों के व्यवसाय एवं आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का दायित्व जनता की सुविधाएं बढ़ाना है, न कि सुविधाओं को जिला मुख्यालय तक सीमित कर देना।
वित्त विभाग पुनर्विचार करे, डोंगरगढ़ में पूर्ववत व्यवस्था बहाल हो
विष्णु लोधी ने छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग से मांग की है कि डोंगरगढ़ उपकोषालय में पूर्ववत स्टाम्प सेवा संचालित करने संबंधी संशोधित/पुनर्विचार आदेश जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि स्टाम्पों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है तो डोंगरगढ़ उपकोषालय में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी, सीसीटीवी एवं अन्य सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाए, लेकिन जनता की सुविधा समाप्त करना समस्या का समाधान नहीं है।
“जनता को सुविधा चाहिए, बहाने नहीं””
विष्णु लोधी ने कहा कि डोंगरगढ़ की जनता यह जानना चाहती है कि जब बड़े जिले के समय कोई समस्या नहीं थी, तब छोटे जिले में कौन-सा नया खतरा पैदा हो गया? अगर सुरक्षा चिंता है तो सुरक्षा बढ़ाई जाए, लेकिन जनता की सुविधा और स्थानीय स्टाम्प वेंडरों की आजीविका को प्रभावित करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा—
“सुरक्षा के नाम पर जनता की सुविधा नहीं छीनी जानी चाहिए। बड़े राजनांदगांव जिले में वर्षों तक डोंगरगढ़ में स्टाम्प सेवा सुरक्षित चल सकती थी, तो आज छोटे जिले में क्यों नहीं? सरकार और वित्त विभाग अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें तथा डोंगरगढ़ में पूर्ववत स्टाम्प सेवा बहाल करें। यही क्षेत्र की जनता और स्टाम्प वेंडरों के हित में न्यायसंगत निर्णय होगा।




