डोंगरगढ़ में दसलक्षण महापर्व सानंद संपन्न

डोंगरगढ़ में दसलक्षण महापर्व सानंद संपन्न छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में श्री दिगम्बर जैन समाज का दसलक्षण महापर्व 2026 अत्यंत धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस वर्ष के पर्व में 108 पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के शिष्य बाल ब्रह्मचारी श्री श्लोक भैया जी (तिहरी, कटनी, मध्य प्रदेश) के सानिध्य में दस धर्मों—उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य—का सरल एवं गहन व्याख्यान हुआ।


पर्व का स्वरूप और कार्यक्रम दसलक्षण महापर्व दिगम्बर परंपरा का 10 दिवसीय आत्मशुद्धि का पर्व है, जो 16 से 25 सितंबर 2026 तक मनाया गया। डोंगरगढ़ में प्रतिदिन नित्य पूजन, अभिषेक, शांतिधारा, प्रवचन, प्रश्न मंच, आरती, भजन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम (नृत्य, नाटिका, फैंसी ड्रेस, भजन गायन) आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।


प्रतिभा सम्मान और उत्कृष्ट सेवा सम्मान

आठवें दिन श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति डोंगरगढ़ के तत्वाधान में प्रतिभा सम्मान एवं उत्कृष्ट संत सेवा सम्मान कार्यक्रम हुआ:
• कक्षा 12वीं (वाणिज्य):
• श्रीमती प्रीती सचिन जैन की सुपुत्री प्रीती जैन – 87.80%
• श्रीमती प्रीती शैलेश जैन की सुपुत्री कु. तनिष्का जैन – 80.40%
• कक्षा 10वीं:
• मा. दक्ष जैन (श्रीमती राखी कमलेश जैन के सुपुत्र) – 90.40%
• मा. सक्षम जैन (श्रीमती समीक्षा सचिन जैन के सुपुत्र) – 84.80%
• मा. सिद्दांश जैन (श्रीमती सपना आकाश जैन पंचरत्न के सुपुत्र) – 83%
• मा. मोक्ष जैन (श्रीमती सोनल निशांत जैन के सुपुत्र) – 75%
समिति ने सभी प्रतिभावान छात्रों को तिलक, माला, स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) और गिफ्ट देकर सम्मानित किया।


अन्य सम्मानित व्यक्ति
• श्रीमती राजकुमारी जैन – शिक्षा क्षेत्र में प्राचार्या के पद पर उत्कृष्ट कार्य के लिए।
• श्री सत्यदेव साहू (पनियाजोब) – विगत कई वर्षों से संतों/माताजी/छुल्लक जी की पानियाजोब में रुकावट पर सहर्ष मकान उपलब्ध कराने और वैयावृत्ति करने हेतु उत्कृष्ट संत सेवा सम्मान (सपरिवार)।
• श्री चौहान – श्री श्री रविशंकर आर्ट ऑफ लिविंग जैसे समाज सेवा कार्यों के लिए।
• श्री विनय चौहान – निःशुल्क बच्चों को कोचिंग देने जैसे कार्यों के लिए।


उद्बोधन और प्रेरणादायक संदेश

श्रीमती राजकुमारी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि सत्य और अहिंसा जैन धर्म की पहचान है और इनसे किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने युवाओं को प्रशासनिक पदों की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि अच्छे लोग प्रशासन में आकर भारत के विकास को गति दे सकें।


श्री सत्यदेव साहू ने अपनी धर्मपत्नी और सुपुत्री को संत सेवा के लिए प्रेरणा स्रोत बताया और कहा कि संत सेवा तथा आर्ट ऑफ लिविंग जैसे कार्यों से उन्हें परम आनंद की अनुभूति होती है, इसलिए वे तन-मन-धन से सहर्ष सेवा करते हैं।


शोभा यात्रा और वात्सल्य भोज
भाद्रपद पूर्णिमा को समाज द्वारा भगवान को सिंहासन पर विराजमान कर गाजे-बाजे और सुमधुर भजन गायन के साथ नगर शोभा यात्रा निकाली गई। शाम को सामूहिक वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे समाज ने धर्म लाभ लिया।


आयोजक समिति की ओर से आभार
श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति डोंगरगढ़ के अध्यक्ष श्री अनिल जैन ने कहा कि ऐसे प्रतिभावान और सेवाभावी लोगों को सम्मानित करना गर्व की बात है। कोषाध्यक्ष श्री जय कुमार जैन एवं सचिव श्री सुरेश चन्द जैन ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्री यतीश कुमार जैन को मंच संचालन के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में भी सभी के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की


चंद्रगिरी अतिशय तीर्थ क्षेत्र में भी महापर्व
श्री दिगम्बर जैन चंद्रगिरी अतिशय तीर्थ क्षेत्र में 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी और 108 आचार्य श्री समयसागर महाराज जी के आशीर्वाद तथा 105 आर्यिका श्री शैलमति माता जी एवं 105 आर्यिका श्री विदुरमति माता जी के सानिध्य में भी प्रतिदिन संगीतमय पूजन, विधान, अभिषेक, शांतिधारा, प्रवचन और आरती के कार्यक्रम हर्षोलास के साथ हुए। तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष सेठ सिंघई किशोर जैन ने सभी उपस्थित जनों को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

Nemish Agrawal
Nemish Agrawalhttps://tv1indianews.in
Tv Journalist • Editor • Writer Digital Creator • Photographer Travel Vlogger • Web-App Developer IT Cell • Social Worker

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img