राजनांदगांव जिले के धर्मनगरी डोंगरगढ़ शहर में भाजपा ने संगठनात्मक स्थिरता लाने के उद्देश्य से नई मंडल कार्यकारिणी की घोषणा की है।
प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर सौमित्र सोनी को शहर मंडल अध्यक्ष, जबकि विनय बंसल और अमित बोस को मंडल महामंत्री नियुक्त किया गया है।
पृष्ठभूमि: सामूहिक इस्तीफे और मंडल भंग का सिलसिला
डोंगरगढ़ भाजपा में पिछले कुछ महीनों से गहरा संगठनात्मक संकट चल रहा था। 27 जुलाई 2026 को शहर मंडल के 111 सदस्यों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई थी।
इसके बाद और 25-26 कार्यकर्ताओं ने भी इस्तीफा दे दिया, जिससे कुल इस्तीफों की संख्या 136 तक पहुंच गई। कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोआ की कार्यशैली, परिवारवाद, गुटबाजी और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए थे।[ndtv +5]
इस विवाद के बाद पार्टी ने मंडल कार्यकारिणी भंग कर दी थी और पांच कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित भी किया गया था।
नई नियुक्तियों का महत्व
नई नियुक्तियों को डोंगरगढ़ शहर मंडल में नए सिरे से संगठनात्मक व्यवस्था स्थापित करने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। सामूहिक इस्तीफे और लगातार बढ़ते संगठनात्मक विवाद के बीच भाजपा ने अब नए पदाधिकारियों को मौका देकर संगठन को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश की है।[patrika +1]
यह कदम आगामी चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया माना जा रहा है, क्योंकि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को अभी करीब दो साल का समय बाकी है, लेकिन सियासी हलचल ने पहले ही जोर पकड़ लिया है।
आगे की राह
नई कार्यकारिणी के सामने मुख्य चुनौती विद्रोही कार्यकर्ताओं को वापस लाने और पार्टी में आंतरिक कलह को समाप्त कर संगठन को मजबूत बनाने की होगी। स्थानीय स्तर पर इन नियुक्तियों को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव आने वाले समय में स्पष्ट होगा।




