एक महीने का सीजन, पूरे घर का खर्च! क्या है तेंदू फल की ताकत? ये देसी मॉडल समझिए


Last Updated:

चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र में गर्मी का मौसम आदिवासी परिवारों के लिए अवसर बनकर आता है. जंगलों में मिलने वाला तेंदू फल न सिर्फ उनके भोजन का हिस्सा है, बल्कि यही उनकी आमदनी का भी बड़ा सहारा बनता है.

चित्रकूटः भीषण गर्मी के बीच जहां एक तरफ मैदानी इलाकों में लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र के आदिवासी समाज के लिए यह मौसम आजीविका का अवसर भी लेकर आता है.

जंगलों से घिरे इस इलाके में इन दिनों तेंदू फल की भरमार है, जिस पर यहां के आदिवासी परिवार पूरी तरह निर्भर रहते है.और उनको तोड़ने के लिए सुबह से निकल जाते है.

बता दे कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पाठा क्षेत्र के जंगलों में तेंदू के पेड़ों पर फल पकने लगते हैं, यह फल न सिर्फ आदिवासी परिवारों के भोजन का हिस्सा बनता है, बल्कि उनकी आर्थिक जरूरतों को भी पूरा करता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

यहां सुबह होते ही गांव के पुरुष, महिलाएं और बच्चे टोकरी और बोरियां लेकर जंगल की ओर सुबह 5 बजे से ही निकल पड़ते हैं,और आदिवासी परिवार जंगलों से तेंदू फल तोड़कर अपने घर लाते हैं. इसका एक हिस्सा घर में खाया जाता है, जबकि बचा हुआ फल स्थानीय बाजारों में बेच दिया जाता है.जिससे मिलने वाले पैसे से हम लोग अपने घर का राशन लाते है.

वही पाठा क्षेत्र की रहने वाली आदिवासी महिला बूटी देवी ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि तेंदू फल साल में केवल एक बार गर्मी के मौसम में ही आता है और इसका सीजन करीब एक महीने तक चलता है.

इस दौरान जंगलों में यह फल काफी मात्रा में उपलब्ध रहता है. उन्होंने बताया कि यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होता है और गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है.

उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि एक परिवार रोजाना 5 से 10 किलो तक तेंदू फल आसानी से इकट्ठा कर लेता है. बाजार में इसकी कीमत भी ठीक-ठाक मिल जाती है, स्थानीय बाजारों में यह फल करीब 10 रुपए में 5 के हिसाब से बिकता है, इससे मिलने वाली आमदनी से परिवार अपनी दैनिक जरूरतों का सामान खरीद लेता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img