ट्रंप जानते हैं क्‍यूबा के इस वेपन की पावर, US के सबसे अधुनिक जेट को मिट्टी में मिला चुका, रूस ने किया अपग्रेड


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S-125 Pechora: अमेरिका क्यूबा को कमजोर समझने की भूल नहीं कर सकता क्योंकि उसके पास S-125 Pechora जैसा घातक एयर डिफेंस सिस्टम है. यह वही सोवियत हथियार है जिसने 1999 में अमेरिका के अजेय माने जाने वाले F-117 स्टील्थ फाइटर को मार गिराकर दुनिया को चौंकाया था. आज डिजिटल रडार और एंटी-जैमिंग तकनीक से अपग्रेड होकर यह मिसाइल कवच कम ऊंचाई वाली क्रूज मिसाइलों और आधुनिक विमानों के लिए काल बना हुआ है.

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क्‍यूबा पर लगातार अमेरिकी दबाव बढ़ता जा रहा है.

वाशिंगटन से लेकर हवाना तक समंदर की लहरें शांत जरूर दिखती हैं लेकिन इस शांति के पीछे छिपा है एक ऐसा बारूदी सच जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी बहुत अच्छे से जानते हैं. सुपरपावर अमेरिका भले ही अपनी सैन्य ताकत पर गुरूर करे लेकिन वह क्यूबा को कमजोर समझने की भूल कतई नहीं कर सकता. क्यूबा के तरकश में एक ऐसा पुराना, लेकिन बेहद खूंखार तीर मौजूद है जो पहले भी अमेरिका के घमंड को बीच आसमान में तार-तार कर चुका है. हम बात कर रहे हैं S-125 Pechora एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की. यह सिर्फ एक मिसाइल सिस्टम नहीं बल्कि अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों का ‘डेथ वारंट’ बन चुका है. इतिहास गवाह है कि साल 1999 के यूगोस्लाविया युद्ध में इसी घातक सिस्टम ने अमेरिका के उस समय के सबसे अचूक और अदृश्य माने जाने वाले स्टील्थ फाइटर F-117 Nighthawk को आसमान से खींचकर मिट्टी में मिला दिया था. पूरी दुनिया सन्न रह गई थी कि एक सोवियत काल के हथियार ने अमेरिका की सबसे गुप्त तकनीक को धूल चटा दी.

आज भले ही पेंटागन अपने F-35 फिफ्थ-जेनरेशन फाइटर जेट्स पर नाज करता हो लेकिन क्यूबा की सीमाओं और तटों की ओर आंख उठाने से पहले अमेरिकी रणनीतिकार सौ बार सोचते हैं. आधुनिक रडार और एंटी-जैमिंग तकनीक से अपग्रेड हो चुका क्यूबा का यह कवच कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइलों, टोही ड्रोनों और लड़ाकू विमानों को मलबे में तब्दील करने का दम रखता है.

पुरानी तकनीक को किया अपडेट
शीत युद्ध के दौर का S-125 Pechora (NATO नाम: SA-3 Goa) आज भी क्यूबा की हवाई सुरक्षा (Air Defense) की रीढ़ बना हुआ है. अमेरिकी प्रतिबंधों और सीमित बजट के कारण क्यूबा नए डिफेंस सिस्टम खरीदने में असमर्थ रहा है, लेकिन उसने रूस और बेलारूस की मदद से इसी पुराने सोवियत सिस्टम को डिजिटल और मोबाइल अपग्रेड (जैसे Pechora-2M संस्करण) देकर आधुनिक लड़ाकू विमानों के लिए एक बड़ा खतरा बना दिया है.

S-125 Pechora की मुख्य विशेषताएं और तकनीकी क्षमताएं रेंज और ऊंचाई: अपग्रेडेड Pechora-2M की मारक क्षमता 30 से 32 किलोमीटर तक है. यह जमीन से मात्र 20 मीटर की कम ऊंचाई से लेकर 20,000 मीटर (65,000 फीट) की ऊंचाई पर उड़ रहे दुश्मन के विमानों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को आसानी से इंटरसेप्ट कर सकता है. पेलोड और गति: इसकी मिसाइल (5V27 सीरीज) का वजन करीब 950 किलोग्राम होता है, जिसमें 60 किलोग्राम का हाई-एक्सप्लोसिव फ्रैगमेंटेशन वॉरहेड (पेलोड) लगा होता है. यह धमाका करते ही चारों तरफ नुकीले टुकड़े बिखेरता है जो विमान को हवा में ही चीर देते हैं. यह मिसाइल मैक 3 से 5 (लगभग 3700-4300 किमी/घंटा) की सुपरसोनिक रफ्तार से दुश्मन का पीछा करती है. ट्रैकिंग और रडार अपग्रेड: मूल रूप से यह एक फिक्स्ड सिस्टम था लेकिन आधुनिक अपग्रेड के बाद इसे भारी ट्रकों पर असेंबल करके मोबाइल बना दिया गया है. बेलारूस के सहयोग से इसके पुराने वैक्यूम-ट्यूब रडार को हटाकर डिजिटल फेज्ड एरे रडार, एडवांस ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग और थर्मल इमेजिंग सिस्टम से लैस किया गया है. इसका मतलब है कि अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स भी इसे आसानी से अंधा नहीं कर सकते.

बहुत भारी बजटीय निवेश
हालांकि Pechora आधुनिक फिफ्थ-जेनरेशन स्टील्थ फाइटर्स (जैसे F-35) को बहुत लंबी दूरी पर नहीं पकड़ सकता लेकिन क्यूबा की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से यह तटीय रक्षा के लिए अचूक है. इतिहास गवाह है कि इसी S-125 सिस्टम ने 1999 में यूगोस्लाविया युद्ध के दौरान अमेरिका के सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर F-117 Nighthawk को मार गिराकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था. कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइलों और टोही ड्रोनों के खिलाफ इसका रिस्पॉन्स आज भी बेहतरीन है.

सवाल-जवाब

क्या S-125 Pechora आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) में टिक सकता है?

मूल सोवियत सिस्टम आसानी से जैम हो जाता था, लेकिन क्यूबा ने बेलारूस की मदद से इसके रडार को पूरी तरह डिजिटल और एंटी-जैमिंग फीचर्स से अपग्रेड किया है. अब इसमें ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड ट्रैकिंग सिस्टम भी शामिल है, जिससे यह बिना रडार ऑन किए (यानी बिना अपनी लोकेशन उजागर किए) चुपचाप दुश्मन के विमान को ट्रैक कर मिसाइल दाग सकता है.

क्यूबा ने इस पुराने सिस्टम को बदलने के बजाय इसे अपग्रेड क्यों किया?

इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं – आर्थिक प्रतिबंध और बजट की कमी. अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों के चलते क्यूबा नए हथियार नहीं खरीद सकता. दूसरा, S-125 का ढांचा बेहद मजबूत है और इसकी मिसाइलें भारी मात्रा में उपलब्ध हैं. इसे मोबाइल ट्रकों पर शिफ्ट करके क्यूबा ने कम लागत में एक बेहतरीन ‘हिट एंड रन’ डिफेंस सिस्टम तैयार कर लिया है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें



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