बादलों के ऊपर बसा ये गांव लगता है किसी विदेशी फिल्म जैसा, भारत में ही छिपी है ये जादुई जगह


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मेघालय का मावलिननॉन्ग गांव एशिया के सबसे साफ गांवों में गिना जाता है, जो अपनी हरियाली, लिविंग रूट ब्रिज, बांस व्यू टॉवर और बादलों से ढकी खूबसूरत वादियों के लिए एक शांत और अनोखा पर्यटन स्थल है.

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मावलिननॉन्ग काफी खूबसूरत जगह है.

अगर आप ऐसी जगह घूमने का सपना देखते हैं जहां चारों तरफ सिर्फ बादल, हरियाली और शांति हो, तो मेघालय का मावलिननॉन्ग गांव आपके लिए किसी सपनों की दुनिया से कम नहीं माना जाता. यह खूबसूरत गांव इतना साफ और शांत है कि यहां पहुंचते ही लोगों को लगता है जैसे वे किसी विदेशी फिल्म की लोकेशन पर आ गए हों. बादलों से ढकी पहाड़ियां, लकड़ी के छोटे घर और हर तरफ फैली हरियाली इस जगह को बेहद खास बना देती है.

मावलिननॉन्ग गांव मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में स्थित है और इसे एशिया के सबसे साफ गांवों में शामिल किया जाता है. यह गांव शिलॉन्ग से करीब 90 किलोमीटर दूर है. यहां की सबसे खास बात यह है कि गांव के लोग सफाई को अपनी आदत नहीं बल्कि जिम्मेदारी मानते हैं. गांव की सड़कें, घरों के आसपास की जगह और छोटे रास्ते तक बेहद साफ दिखाई देते हैं. यहां जगह-जगह बांस से बने डस्टबिन रखे गए हैं और प्लास्टिक का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है.

सुबह होते ही बादलों से ढक जाता है पूरा गांव
इस गांव का सबसे खूबसूरत नजारा सुबह के समय देखने को मिलता है. कई बार पूरा गांव बादलों और धुंध से ढक जाता है, जिससे ऐसा लगता है जैसे आप आसमान के ऊपर खड़े हों. बारिश के मौसम में यहां की हरियाली और भी ज्यादा निखर जाती है. झरनों की आवाज, ठंडी हवा और शांत माहौल लोगों को शहर की भागदौड़ से बिल्कुल अलग दुनिया का एहसास कराता है.

पेड़ों की जड़ों से बना है अनोखा पुल
मावलिननॉन्ग गांव सिर्फ अपनी सफाई के लिए ही नहीं बल्कि “लिविंग रूट ब्रिज” के लिए भी काफी मशहूर है. यह पुल किसी लोहे या सीमेंट से नहीं बल्कि पेड़ों की मजबूत जड़ों से बनाया गया है. इसे देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं. यह पुल प्रकृति और इंसान के अनोखे तालमेल का शानदार उदाहरण माना जाता है.

बांस के टॉवर से दिखता है खूबसूरत नजारा
गांव में एक ऊंचा बांस का बना व्यू टॉवर भी मौजूद है. यहां चढ़कर लोग दूर तक फैले हरे मैदान और बांग्लादेश की तरफ का नजारा भी देख सकते हैं. यह अनुभव ट्रैवल लवर्स और फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोगों को काफी पसंद आता है. खासकर सूर्योदय और शाम के समय यहां का दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई देता है.

कब जाएं और कैसे पहुंचे?
मावलिननॉन्ग घूमने के लिए अक्टूबर से अप्रैल के बीच का समय सबसे अच्छा माना जाता है. इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और घूमने में ज्यादा परेशानी नहीं होती. यहां पहुंचने के लिए पहले शिलॉन्ग आना पड़ता है, जिसके बाद सड़क मार्ग से गांव तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. गांव में छोटे-छोटे होमस्टे भी मिल जाते हैं, जहां लोकल खाना और संस्कृति को करीब से महसूस किया जा सकता है.

क्यों खास मानी जाती है ये जगह?
आज के समय में जहां लोग शोर और भीड़ से दूर कुछ शांत पल बिताना चाहते हैं, वहां मावलिननॉन्ग गांव एक परफेक्ट जगह माना जाता है. यहां का साफ वातावरण, नेचुरल ब्यूटी और सुकून भरा माहौल लोगों को बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देता है. यही वजह है कि यह गांव धीरे-धीरे ट्रैवल लवर्स की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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