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Roti Doodh: ऐसा कहा जाता है कि पुराने जमाने में लोग रोटी-दूध को एक साथ खाते थे, इसलिए वे लोग ताकतवर होते हैं. आज के जमाने में लोग दूध को पीते हैं जिसे पचाने की ताकत अब हमारे शरीर में नहीं रहा. इसलिए इसका कोई फायदा नहीं होता. हालांकि आज भी कुछ लोग रोटी और दूध को एक साथ खाते हैं. पर क्या सच है कि रोटी-दूध को एक साथ खाने से बहुत ज्यादा फायदा मिलता है. इस बात की सच्चाई को जानने के लिए हमने डायटीशियन डॉ. प्रियंका रोहतगी से बात की.
रोटी-दूध के फायदे.
Roti-Doodh : उत्तर भारत के ज्यादातर घरों में पहले लोग रोटी और दूध को एक साथ खाते थे. हालांकि आजकल यह परंपरा कम हो गई है लेकिन आज भी अधिकांश लोग रोटी-दूध का एक साथ सेवन करते हैं. बच्चों को अक्सर दूध में रोटी मसलकर खिलाई जाती है. लंबे समय से यह धारणा बनी हुई है कि दूध और रोटी का मेल शरीर को ताकत देता है और इससे नींद भी अच्छी आती है. इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भी इस कॉम्बिनेशन को हेल्दी डिनर बताकर कई दावे किए जाते हैं. दूध को पोषण के लिहाज से लगभग संपूर्ण आहार माना जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन्स और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं. वहीं रोटी भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रात में दूध और रोटी को एक साथ खाने से सच में शरीर को ताकत का खजाना मिल जाती है. इस सवाल को जानने के लिए हमने अपोलो अस्पताल बेंगलुरु की पूर्व चीफ क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका रोहतगी से कई तरह के वैज्ञानिक कारण जानने की कोशिश की.
दूध को क्यों माना जाता है कंपलीट फूड
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि दूध अपने आप में बेहद पौष्टिक खाद्य पदार्थ है. इसमें शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन, कैल्शियम, हेल्दी फैट, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, मिनरल्स और कई प्रकार के एमिनो एसिड पाए जाते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर अक्सर रात में दूध पीने की सलाह देते हैं. हालांकि दूध में कैसीन नाम का एक खास प्रकार का प्रोटीन होता है जो धीरे-धीरे पचता है. इसी कारण शरीर को लंबे समय तक पोषण मिलता रहता है. इसके अलावा दूध में ट्रिप्टोफेन नाम का एमिनो एसिड भी पाया जाता है. यह तत्व शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जो बेहतर नींद के लिए जिम्मेदार माना जाता है. इसलिए रात में दूध पीने से नींद की गुणवत्ता सुधर सकती है और शरीर को आराम महसूस होता है.
क्या दूध और रोटी साथ खाने से बढ़ जाता है फायदा
अब सवाल है कि क्या रात को रोटी-दूध को एक साथ खाने से बहुत ज्यादा फायदा मिलता है. डॉ. रोहतगी का कहना है कि अभी तक ऐसी कोई वैज्ञानिक रिसर्च सामने नहीं आई है जिसमें यह साबित हुआ हो कि रात में दूध और रोटी एक साथ खाने से अतिरिक्त फायदा मिला हो. अगर कोई व्यक्ति इन्हें मिलाकर खाता है तो शरीर को वही पोषण मिलेगा जो इन्हें अलग-अलग खाने से मिलता है. उन्होंने साफ किया कि दूध-रोटी का कॉम्बिनेशन पारंपरिक हो सकता है, लेकिन इसे किसी चमत्कारी हेल्थ फूड की तरह नहीं देखा जाना चाहिए. कई लोग इसे ताकत बढ़ाने वाला भोजन मानते हैं, जबकि मेडिकल साइंस में इस दावे का कोई मजबूत आधार नहीं है.एक्सपर्ट के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति सिर्फ रात में दूध पीकर सोता है तो उसे ज्यादा लाभ मिल सकता है, खासकर अच्छी नींद और देर तक पेट भरे रहने के मामले में. वहीं दूध में रोटी मिलाने से भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है.
गेहूं की रोटी हर किसी के लिए सही नहीं
डॉ. प्रियंका रोहतगी बताती हैं कि जब दूध और गेहूं की रोटी को साथ खाया जाता है तो शरीर में फैट और कार्बोहाइड्रेट दोनों की मात्रा बढ़ सकती है. लगातार ऐसा करने से वजन बढ़ने का जोखिम भी बढ़ सकता है. इसलिए डायबिटीज और वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए गेहूं की रोटी सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर रोटी खानी ही हो तो गेहूं की जगह मोटे अनाज से बनी रोटियां ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकती हैं. ज्वार, बाजरा और चने के आटे से बनी रोटियों में फाइबर अधिक होता है और ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाने की संभावना कम करती हैं. डॉ. प्रियंका रोहतगी मानती हैं कि रात के समय हल्का और संतुलित भोजन करना ज्यादा जरूरी है. ऐसे में केवल दूध पीना कई लोगों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जबकि रोटी का चुनाव व्यक्ति की सेहत और जरूरत के हिसाब से किया जाना चाहिए.
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18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें





