Chemical Leak US Factory: अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में उस सबकी सांसें अटक गईं, जब यहां एक फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव की वजह से रेड अलर्ट जारी कर दिया गया. यहां के ऑरेंज काउंटी में स्थित गार्डेन ग्रोव शहर में यह घटना हुई, जहां GKN एयरोस्पेस नामक फैक्ट्री में ‘मिथाइल मेथाक्रायलेट’ (Methyl Methacrylate) केमिकल से भरे एक बड़े स्टोरेज टैंक से अचानक से गैस का रिसाव होने लगा. टैंक के फटने और इसमें जमा हजारों लीटर गैलन जहरीले केमिकल के रिसाव होने की आशंका बन गई. इस घटनास्थल के आसपास के इलाके से करीब 40 हजार की आबादी को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया गया. आखिर शॉर्ट में MMA के नाम से पहचानी जाने वाली मिथाइल मेथाक्रायलेट क्या है? इसका उपयोग क्या है? इसे जहरीला केमिकल क्यों माना जाता है. रिसाव होने की कंडीशन में क्या खतरा हो सकता है?
मिथाइल मेथाक्रायलेट क्या है?
मिथाइल मेथाक्रायलेट (MMA) इंडस्ट्री में यूज की जाने वाली एक रंगहीन रसायन है. इस केमिकल की गंध फलों के जैसी गंध होती है और यह आसानी से वाष्प रूप में आ जाते हैं. इसका मतलब यह है कि किसी रिसाव या दुर्घटना के दौरान तेजी से इवैपोरेट छोड़ सकता है. MMA को खतरनाक इसलिए भी माना जाता है क्योंकि यह अत्यधिक ज्वलनशील है. केमिकल फॉर्म में यह मेथाक्रिलिक एसिड का मिथाइल एस्टर है, जिसका रासायनिक सूत्र है- CH2=C(CH3)COOCH3. यह गर्मी, चिंगारी या लपटों के संपर्क में आने पर आग पकड़ सकता है.
बड़े स्टोरेज टैंक में इस रसायन को सावधानीपूर्वक स्थिर रखने के साथ ही तापमान नियंत्रित रखा जाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि अत्यधिक गर्म होने से कंटेनर के अंदर दबाव बढ़ सकता है. MMA एक अत्यधिक ज्वलनशील तरल है जिसका फ्लैश पॉइंट लगभग 10 डिग्री सेल्सियस यानी 50 फॉरेनहाइट होता है. इसका मतलब है कि यह सामान्य कमरे के तापमान पर भी आग पकड़ने के लिए पर्याप्त वाष्प छोड़ सकता है.
इसका वाष्प, हवा से भारी होता है. रिसाव की स्थिति में यह जमीन के साथ यात्रा कर सकता है. बेसमेंट या नालियों जैसे निचले इलाकों में जमा हो सकता है और दूर स्थित किसी भी चिंगारी, स्थिर बिजली या फिर हल्की लाइट के संपर्क में आते ही भयानक आग का रूप ले सकता है.
क्या है इसका उपयोग?
इसका उपयोग एक्रिलिक प्लास्टिक, रेजिन और कोटिंग्स बनाने के लिए किया जाता है. यह आमतौर पर एक्रिलिक ग्लास, हवाई जहाज की खिड़कियों, पेंट, एडहेसिव जैसे गोंद या फेविकोल), हल्के प्लास्टिक के पुर्जों जैसे प्रोडक्ट्स में पाया जाता है.
आर्थोपेडिक सर्जरी में कृत्रिम जोड़ों के प्रत्यारोपण को हड्डी से मजबूती से जोड़ने के लिए MMA आधारित बोन सीमेंट का उपयोग किया जाता है. वहीं डेंटल मेडिसिन में यह नकली दांत, डेंटल ब्रिज, क्राउन और ऑर्थोडॉन्टिक रिटेनर बनाने के लिए एक बुनियादी घटक है.
विमानन और ऑटोमोटिव सेक्टर की बात करें तो इसका उपयोग हवाई जहाज की विंडशील्ड, हेलिकॉप्टर के बबल और ऑटोमोटिव लाइट कवर बनाने के लिए किया जाता है. वहीं कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में इसका उपयोग स्काईलाइट्स यानी छतों की खिड़कियां, साउंड बैरियर, अटूट खिड़कियों और लाइट फिक्स्चर में किया जाता है.
हेल्थ संबंधी दिक्कत की बात
स्वास्थ्य एजेंसियां चेतावनी देती हैं कि MMA के संपर्क में आने से स्किन के लाल होने के साथ ही गंभीर जलन, नाक और गले जलन के साथ ही आंसू आना भी हो सकता है. इसकी वजह से सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है. फेफड़े और सांस संबंधी समस्या हो सकती है. चूंकि ये वाष्प हवा से भारी होते हैं, इसलिए ये जमीन के साथ फैल सकते हैं और आग के सोर्स की ओर बढ़ सकते हैं.
एक और बड़ी चिंता MMA के ‘पॉलीमराइजेशन’ का जोखिम है. इसको ऐसे समझिए कि रसायन खुद के साथ ही रिएक्शन करना शुरू कर सकता है और गर्मी पैदा कर सकता है. यह प्रतिक्रिया अगर अनियंत्रित रूप से तेज हो जाती है तो यह ‘थर्मल रनअवे’ को ट्रिगर कर सकती है.
यह एक खतरनाक प्रक्रिया है जिसमें बढ़ती गर्मी के कारण चेन रिएक्शन और भी तेज हो जाती है, जिससे टैंक के अंदर तापमान और दबाव तेजी से बढ़ता है. गंभीर मामलों में टैंक फट सकता है, आग लग सकती है या विस्फोट हो सकता है. इसलिए आपात स्थिति में इसको ठंडा रखने की कोशिश की जाती है.
आपातकालीन प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गार्डेन ग्रोव में हुई दुर्घटना के भयावह होने का अंदेशा था. यहां हजारों लीटर MMA टैंक में भरा हुआ है. इससे आसपास के इलाके में खतरा बना हुआ है. जब आपातकालीन दल किसी अस्थिर MMA स्टोरेज टैंक जैसे कि परिवहन दुर्घटना या कारखाने की खराबी का सामना करते हैं, तो वे बेहद सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हैं.
- लगातार कूलिंग करना: अब चूंकि गर्मी इस खतरनाक थर्मल रनअवे प्रतिक्रिया को बढ़ावा देती है. इसलिए फायरफाइटर टैंक के आंतरिक तापमान को नियंत्रण में रखने के लिए उस पर लगातार भारी मात्रा में पानी या कूलिंग फोम का छिड़काव करते हैं.
- इनहिबिटर इंजेक्शन: अगर संभव हो तो आपातकालीन टेक्निशन, केमिकल रिएक्शन को रोकने के लिए टैंक में नए स्टेबलाइजिंग इनहिबिटर यानी अवरोधक को इंजेक्ट करने की कोशिश करते हैं.
- इलाका खाली कराना: इसके वाष्प आसानी से फैलते हैं, जिससे आग का खतरा होता है. इसलिए टैंक के पूरी तरह से सुरक्षित होने तक आसपास के एक बड़े दायरे को तुरंत खाली करा लिया जाता है.





