गर्भवती महिलाओं के लिए गर्मी क्यों इतनी घातक? अंबाला की होम्योपैथ डॉक्टर ने बताई डरावनी बातें


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Pregnant Women Care in Summer : ज्यादा तेल-मसाले और तली-भुनी चीजें हर किसी की सेहत के लिए खतरनाक हैं. गर्मियों में इनका सेवन और ज्यादा घातक है. गर्भवती महिलाओं को तो इसका ज्यादा ध्यान रखना चाहिए. पूरा हरियाणा भीषण गर्मी से धधक रहा है. अंबाला की होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता लोकल 18 से बताती हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहता है. ऐसे में उन्हें डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में कुछ बातें अपनाकर आप खुद को और अपने होने वाले बच्चे को सुरक्षित रख सकती हैं.

अंबाला. हरियाणा के अंबाला जिले में भीषण गर्मी गर्भवती महिलाओं के लिए घातक रूप ले चुकी है. तेज धूप, लू और शरीर में पानी की कमी का असर मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत पर पड़ सकता है. दोपहर में तापमान 45 डिग्री को पार कर जा रहा है. इतनी तीखी गर्मी में गर्भवती महिलाओं के लिए अपना बचाव करना बेहद जरूरी है. लोकल 18 से अंबाला की नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता बताती हैं कि इन दिनों शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. गर्भवती महिलाओं के शरीर को नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन ज्यादा राहत देगा. दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 तक घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहता है. ऐसे में डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ता है.

अगर बाहर जाना हो तो करें ये काम

डॉ. रजिता के मुताबिक, बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखना चाहिए, ताकि लू का असर कम हो सके. समय-समय पर आराम भी जरूरी है. अधिक देर तक गर्म वातावरण में रहने से कमजोरी और चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है. गर्मियों में ज्यादा तेल-मसाले और तली-भुनी चीजों का सेवन शरीर पर भारी पड़ सकता है. गर्भवती महिलाओं को हल्का और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए. इसमें दलिया, खिचड़ी, दही और मौसमी फल बेहतर विकल्प हैं. जितना हो सके हरी सब्जी का सेवन करें. लंबे समय तक खाली पेट न रहें. कमरे का तापमान बहुत ज्यादा कम नहीं रखना चाहिए. एसी वाले ठंडे कमरे से सीधे तेज गर्मी में जाने से शरीर पर अचानक असर पड़ सकता है. ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनने चाहिए, ताकि शरीर में हवा का संचार बना रहे और गर्मी कम महसूस हो.

सुबह उठते ही, सबसे पहला काम

डॉ. रजिता बताती हैं कि होम्योपैथिक पद्धति में लक्षण के हिसाब से दवाइयां बताई गई हैं, जिसमें गर्मियों की थकान और सिरदर्द के लिए ग्लोनोइन (Glonoinum) की सलाह दी जाती हैं. तेज धूप और हीटस्ट्रोक से अगर अचानक तेज बुखार, चेहरे पर लालिमा या लू लगने जैसी समस्या में बेलैडोना (Belladonna), उल्टी, जी मिचलाने और दस्त में आर्सेनिक एल्बम (Arsenicum Album) ले सकते हैं. दवाइयों का सेवन चिकित्सक की सलाह से ही करें. इस मौसम में पीलिया का खतरा बना रहता है. इसलिए जब भी पानी पिएं, उसे उबालकर कुछ देर बाद इस्तेमाल करें. सूर्योदय से पहले उठें. डॉक्टर की सलाह के अनुसार एक्सरसाइज और मेडिटेशन करें. यह मां ओर बच्चें दोनों के लिए काफी फायदेमंद है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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