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आज के समय में लोग फिट रहने के लिए खानपान पर खास ध्यान देने लगे हैं. खासकर रोटी के आटे को लेकर लोगों में काफी चर्चा रहती है कि आखिर गेहूं, ज्वार, बाजरा या रागी में से किस आटे की रोटी सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है. प्रयागराज के हेल्थ एक्सपर्ट्स डॉ राम पाल मानते हैं कि हर आटे की अपनी अलग खासियत होती है और शरीर की जरूरत के हिसाब से सही आटे का चुनाव करना जरूरी है.
राम पाल ने बताया कि सबसे ज्यादा इस्तेमाल गेहूं के आटे का होता है. गेहूं की रोटी में फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और कुछ मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है. हालांकि जिन लोगों को वजन कंट्रोल करना है या शुगर की समस्या है, उन्हें सीमित मात्रा में गेहूं की रोटी खाने की सलाह दी जाती है.

वहीं बाजरे की रोटी को सर्दी और गर्मी दोनों मौसम में फायदेमंद माना जाता है. इसमें आयरन, कैल्शियम और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग बाजरे की रोटी को देसी घी और लहसुन की चटनी के साथ बड़े चाव से खाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बाजरा पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती.

रागी का आटा भी तेजी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है. इसमें कैल्शियम और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों और बुजुर्गों के लिए रागी काफी फायदेमंद मानी जाती है. कई लोग अब रागी की रोटी, डोसा और चीला भी खाने लगे हैं.
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ज्वार की रोटी भी सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है. इसमें फाइबर ज्यादा होता है और यह पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है. गर्मियों के मौसम में कई लोग ज्वार की रोटी खाना पसंद करते हैं, क्योंकि इसे हल्का माना जाता है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी एक आटे को सबसे बेहतर कहना सही नहीं होगा. शरीर की जरूरत, मौसम और स्वास्थ्य के हिसाब से आटे का चुनाव करना चाहिए. कई लोग अब मल्टीग्रेन आटे का इस्तेमाल भी कर रहे हैं, जिसमें गेहूं, ज्वार, बाजरा और रागी को मिलाकर रोटी बनाई जाती है.

अगर आप रोज एक ही तरह की रोटी खाकर बोर हो चुके हैं, तो अलग-अलग अनाज के आटे को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इससे स्वाद भी बदलेगा और शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व भी मिलेंगे.





