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Kakolat Waterfall: ककोलत जलप्रपात बिहार के नवादा जिले का सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. यहां राज्य के कोने-कोने से तथा पड़ोसी राज्यों से हजारों पर्यटक प्रकृति की मनमोहक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं. यहां की हरी-भरी वादियां, शांत वातावरण, पहाड़ियां और स्वच्छ हवा यहां का मुख्य आकर्षण हैं. यह जगह प्रकृति प्रेमियों, परिवारों और एडवेंचर प्रेमियों के लिए आदर्श है. सुबह की ठंडी हवा, पक्षियों का कलरव और घने जंगलों का नजारा मन को शांति प्रदान करता है. यहां छुट्टियों के दिन पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है. बिहार के इस खूबसूरत गेटवे ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटन मानचित्र पर खास जगह बना ली है.
काकोला झरना बिहार और झारखंड की सीमा पर स्थित काकोला पहाड़ी पर है. नवादा से मात्र 33 किमी और थाली बाजार से 4 किमी की दूरी पर स्थित यह झरना बिहार के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है. 150 से 160 फीट की ऊंचाई से शानदार तरीके से गिरता यह झरना नीचे प्राकृतिक जलाशय बना देता है. प्रकृति की अद्भुत छटा देखने के लिए राज्य भर से तथा पड़ोसी राज्यों से हजारों पर्यटक यहाँ आते हैं. हरा-भरा वातावरण और गिरते पानी की ध्वनि मन को मोह लेती है.

काकोलत झरने से जुड़ी कई प्राचीन कथाएं प्रचलित हैं. कहा जाता है कि त्रेता युग की एक कथा के अनुसार, एक राजा को एक हिंदू ऋषि द्वारा श्राप दिया गया था, जिसके कारण वह अजगर का रूप धारण कर इस झरने में रहने लगे. वहीं, वनवास के दौरान पांडव इस स्थान पर आए. पांडवों के आगमन से अजगर राजा का श्राप समाप्त हो गया. मुक्त होते ही उसने घोषणा की कि जो कोई भी इस झरने में स्नान करेगा, वह कभी भी सर्प योनि में जन्म नहीं लेगा. आज भी स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस पौराणिक मान्यता के साथ झरने में स्नान करते हैं. यह कथा काकोलत झरने को और अधिक रहस्यमयी और आकर्षक बनाती है.

काकोलत झरना बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. गर्मियों के मौसम में यहां पिकनिक मनाने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है. झरने में पानी के खेल और वॉटर स्पोर्ट्स की भरपूर सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों को और आकर्षित करती हैं. पर्यटन के अलावा धार्मिक महत्व भी है. चैत्र संक्रांति या बिशुआ के अवसर पर यहां तीन दिवसीय बड़ा मेला लगता है. इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु झरने में स्नान करते हैं. प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा के संगम के कारण काकोला झरना पर्यटकों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए खास जगह बन गया है.
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ककोलत जलप्रपात इन दिनों भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है. ठंडे प्राकृतिक जलधारा का आनंद लेने के लिए प्रतिदिन हजारों लोग यहां पहुंच रहे हैं. आसपास के जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं. हालात इतने बदतर हो गए हैं कि कुंड क्षेत्र में खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही है. चेंजिंग रूम और उसकी छत पर भी लोग ठसाठस भरे हुए हैं. निजी वाहनों, बसों और बाइक्स की भारी भीड़ से पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था फैल गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

ककोलत जलप्रपात बिहार का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो बिहार-झारखंड सीमा पर ककोलत पहाड़ी पर स्थित है. नवादा से मात्र 33 किमी और थाली बाजार से 4 किमी दूर यह जगह प्रकृति प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है. यहां ऊंचाई से गिरता यह शानदार झरना नीचे प्राकृतिक कुंड बनाता है. यहां 44 सेल्सियस पारा होने के बावजूद ठंडक के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. साथ ही परिवार के साथ जमकर मस्ती कर रहे हैं. ( एआई फोटो )





