Summer Health Tips: बढ़ते तापमान के साथ शरीर में थकान, डिहाइड्रेशन और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं आम होने लगती हैं, जिनसे बचने के लिए आयुर्वेद की सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम है. आयुष विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार के अनुसार, ग्रीष्म ऋतु में सूरज की तपिश शरीर से नमी और ताकत सोख लेती है, जिससे पित्त और वात दोष बढ़ जाते हैं. इस मौसम में खुद को फिट रखने के लिए केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, छाछ और बेल के शरबत जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों को तरजीह देनी चाहिए, जबकि बर्फ और बहुत ठंडे पेय से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये पाचन बिगाड़ सकते हैं. आहार में लौकी, खीरा और तरबूज जैसी ठंडी तासीर वाली सब्जियां शामिल करें और मसालेदार व तले-भुने भोजन से दूरी बनाएं. दोपहर की तेज धूप से बचने के अलावा, हल्के सूती कपड़े पहनना, पर्याप्त नींद लेना और मानसिक शांति के लिए योग व प्राणायाम करना भी उतना ही जरूरी है. आयुर्वेद के अनुसार इस ऋतु में बहुत भारी व्यायाम के बजाय हल्की एक्सरसाइज ही शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है.





