India vs US elections : हम इतने मूर्ख हैं भारत के चुनावी नतीजे देखकर भड़के अमेरिकी एक्सपर्ट


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केरल विधानसभा चुनावों में कम्युनिस्ट के लगभग छह दशक पुराने शासन के अंत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है, जहां अमेरिकी पॉलिसी एक्सपर्ट मार्क डुबोविट्ज ने भारतीय मतदाताओं की समझदारी की जमकर तारीफ की है. डुबोविट्ज ने अमेरिकी जनता को ‘मूर्ख’ बताते हुए कहा कि जहां भारत जैसा देश कम्युनिस्ट विचारधारा को सत्ता से बाहर कर रहा है, वहीं अमेरिका अपने शहरों और संसद में ऐसी ही सोच को जगह दे रहा है.

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भारत चुनावों पर बोले अमेरिकी एक्सपर्ट

वॉशिंगटन : भारत के एक राज्य के चुनाव नतीजों ने सात समंदर पार अमेरिका में ऐसी बहस छेड़ दी है कि वहां के विद्वान अपनी ही जनता को ‘मूर्ख’ बताने लगे हैं. केरल, जिसे दशकों से कम्युनिस्टों का अभेद्य किला माना जाता था, वहां हाल ही में हुए बदलाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है. मशहूर अमेरिकी पॉलिसी एक्सपर्ट मार्क डुबोविट्ज ने केरल के नतीजों को देखते हुए अमेरिकी मतदाताओं पर जो तंज कसा है, उसने सोशल मीडिया से लेकर व्हाइट हाउस तक सनसनी फैला दी है. आखिर भारत के एक राज्य के नतीजों में ऐसा क्या था जिसने सुपरपावर अमेरिका को आईना दिखा दिया?

मार्क डुबोविट्ज का तीखा हमला: ‘हां, हम बेवकूफ हैं’

जैसे ही केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने वामपंथियों को करारी शिकस्त दी, मार्क डुबोविट्ज अपने देश की हालत देखकर दुखी हो गए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने भारत की तारीफ और अमेरिका की खिंचाई करते हुए लिखा- ‘भारत कम्युनिस्टों को सत्ता से बाहर खदेड़ रहा है, जबकि अमेरिका उन्हें अपने शहरों, राज्यों और संसद में शासन करने के लिए चुन रहा है. हां, हम इतने ही मूर्ख हैं’.

डुबोविट्ज का इशारा अमेरिका में बढ़ती उस ‘प्रोग्रेसिव’ सोच की तरफ था, जिसे वे कम्युनिज्म का ही दूसरा रूप मानते हैं. उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि दुनिया अब भारतीय मतदाताओं की राजनीतिक समझ का लोहा मान रही है.

केरल में आया ‘चुनावी भूकंप’, ढह गया लाल किला

9 अप्रैल को आए केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने इतिहास रच दिया. 140 सीटों वाली विधानसभा में UDF ने 102 सीटें जीतकर क्लीन स्वीप कर दिया, जबकि कम्युनिस्ट मोर्चा (LDF) महज 35 सीटों पर सिमट गया. इस जीत के साथ ही केरल में लगभग 60 साल से चले आ रहे कम्युनिस्ट प्रभाव का सूरज डूब गया है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके कई कद्दावर मंत्रियों को अपनी ही जमीन पर हार का स्वाद चखना पड़ा. इस चुनाव में बीजेपी ने भी तीन सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो केरल की बदलती राजनीति का बड़ा संकेत है.

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Utkarsha Srivastava

Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें





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