शुभम ने कहा, ‘‘कोटा शहर का योगदान उनकी सफलता में कम नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि विशेष अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षक और प्रतिस्पर्धी माहौल केवल कोटा जैसे शहर में ही मिल सकता है, कहीं और नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘मन में जनून होना चाहिए कि हमें कुछ करना है, तभी लक्ष्य हासिल होता है। मैंने हर चुनौती को प्रेरणा में बदला। मेरा पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर था। अब मैं आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) बॉम्बे से कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक करूंगा।’’
पिता शिव कुमार ने कहा कि उन्हें बेटे की सफलता का पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, ‘‘वह यहां इतने समय से तैयारी कर रहा था, मुझे पता था वह अपना सर्वश्रेष्ठ देगा।’’ मां कंचन देवी ने बेटे की उपलब्धि पर गर्व जताया।




