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Chitakoot news: गर्मी और बरसात के मौसम में गूलर के फल आसानी से जंगलों में मिल जाते हैं,और ग्रामीण इन्हें तोड़कर घर लाते हैं और सेवन करते हैं. माना जाता है कि गूलर का फल शरीर को ताकत देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है, गूलर का फल एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं.
चित्रकूटः पाठा क्षेत्र के जंगल अपनी प्राकृतिक संपदा और औषधीय पौधों के लिए लंबे समय से पहचान रखते हैं. यहां जंगलों में कई प्रकार के फल, जड़ी,बूटियां और औषधीय पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जिनका उपयोग स्थानीय लोग वर्षों से करते आ रहे हैं. इन्हीं पेड़ों में से एक पेड़ गूलर का भी खास माना जाता है. पाठा के जंगलों में गूलर के पेड़ बड़ी संख्या में देखने को मिलते हैं. इसके फल का उपयोग लोग खाने में करते हैं. वहीं इसकी छाल, पत्तियां और पेड़ से निकलने वाला दूध कई बीमारियों में लाभकारी माना जाता है.
शरीर को ताकत देता है गूलर का फूल
जानकारी के लिए बता दे कि गर्मी और बरसात के मौसम में गूलर के फल आसानी से जंगलों में मिल जाते हैं,और ग्रामीण इन्हें तोड़कर घर लाते हैं और सेवन करते हैं. माना जाता है कि गूलर का फल शरीर को ताकत देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाता है, गूलर का फल एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व शरीर को ऊर्जा देने के साथ बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं.
पेट की बीमारी और ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल
इस संबंध में चित्रकूट के डॉक्टर अजय ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गूलर पेट संबंधी समस्याओं में काफी लाभकारी माना जाता है. इसका फल खाने से पेट दर्द, गैस और पाचन संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है.उन्होंने बताया कि गूलर की छाल में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के गुण भी पाए जाते हैं,इसके लिए छाल का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है. गूलर के पेड़ से निकलने वाला दूध घाव भरने में उपयोगी माना जाता है. हालांकि उनका यह भी कहना है कि कोई भी औषधि का प्रयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें





