अगर आपके फोन में एंड्रॉयड है और आप गूगल अकाउंट से बैकअप लेते हैं, तो यह खबर आपके काम की है. गूगल अपने बैकअप सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. अब तक कई तरह का एंड्रॉयड बैकअप आपके 15GB फ्री गूगल स्टोरेज में नहीं गिना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
आने वाले दिनों में आपके फोन का बैकअप भी Gmail, गूगल Photos और गूगल Drive की तरह उसी 15GB स्टोरेज का हिस्सा बन जाएगा. इसका मतलब है कि जिन लोगों का गूगल स्टोरेज पहले से लगभग भर चुका है, उन्हें बैकअप लेने में दिक्कत आ सकती है.
क्या बदलने वाला है?
गूगल ने ईमेल भेजकर यूजर्स को बताया है कि 45 दिन के ट्रांजिशन पीरियड के बाद एंड्रॉयड बैकअप भी गूगल अकाउंट के 15GB फ्री स्टोरेज में गिना जाएगा.
इसमें फोन का बैकअप, जैसे SMS, कॉल हिस्ट्री, डिवाइस सेटिंग्स, ऐप्स की सेटिंग्स और दूसरी जरूरी जानकारी शामिल होगी. पहले इनका असर स्टोरेज पर अलग तरीके से पड़ता था, लेकिन अब ये भी बाकी गूगल सेवाओं के साथ स्टोरेज शेयर करेंगे.
यूजर्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
गूगल ने बैकअप सेटिंग्स में कुछ नए ऑप्शन भी दिए हैं. अब आप खुद तय कर सकेंगे कि SMS, MMS, कॉल हिस्ट्री और डिवाइस सेटिंग्स जैसी चीजों का बैकअप लेना है या नहीं. इसके लिए आपको एंड्रॉयड फोन की गूगल Backup सेटिंग्स में जाना होगा.
क्या सभी यूजर्स को चिंता करनी चाहिए?
गूगल का कहना है कि ज्यादातर लोगों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. कंपनी के मुताबिक औसतन सिर्फ करीब 40MB अडिशनल स्टोरेज इस्तेमाल होगी. लेकिन अगर आपका 15GB स्टोरेज पहले से लगभग पूरा भरा हुआ है, तो नया बैकअप सेव नहीं हो पाएगा. ऐसे में ऑटोमैटिक बैकअप भी बंद हो सकता है.
स्टोरेज बचाने के लिए क्या करें?
अगर आपका गूगल स्टोरेज कम बचा है, तो सबसे पहले देखें कि सबसे ज्यादा जगह कौन-सी चीज ले रही है.
- गूगल Photos में पुराने वीडियो या डुप्लीकेट फोटो हटाएं.
- गूगल Drive में बेकार फाइलें, ZIP फोल्डर और पुराने बैकअप डिलीट करें.
- Gmail में बड़े अटैचमेंट वाले ईमेल हटाएं और Trash और Spam फोल्डर भी खाली करें.
- अगर आपने पुराने फोन का बैकअप रखा है और अब उसकी जरूरत नहीं है, तो उसे भी हटा सकते हैं.
- अगर आप गूगल One का प्लान नहीं लेना चाहते, तो सिर्फ जरूरी फोटो और फाइलों का ही बैकअप रखें. इससे आपका फ्री स्टोरेज जल्दी नहीं भरेगा.
गूगल इस बदलाव को 45 दिन बाद लागू करेगा. यानी यूजर्स के पास अभी इतना समय है कि वे अपना स्टोरेज मैनेज कर लें, ताकि बाद में बैकअप रुकने जैसी परेशानी का सामना न करना पड़े.




