महात्मा गांधी भी हो गए मुरीद…कैसे पहुंचे कौसानी? यहां नहीं आए तो बहुत पछताओगे


बागेश्वर. उत्तराखंड के बागेश्वर में स्थित कौसानी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और हिमालयी दृश्यों के लिए मशहूर है. देवदार और चीड़ के जंगलों से घिरा यह हिल स्टेशन खासकर सूर्योदय और बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के मनोरम नजारों के लिए जाना जाता है. महात्मा गांधी ने 1929 में कौसानी प्रवास के दौरान यहां के प्राकृतिक वातावरण की प्रशंसा की थी. आज भी यह जगह पर्यटकों के साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है. लोकल 18 से बागेश्वर के पूर्व व्यापार संघ जिलाध्यक्ष और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य बबलू नेगी बताते हैं कौसानी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग सबसे सुविधाजनक है. यह अल्मोड़ा, रानीखेत, हल्द्वानी और बागेश्वर से सड़क मार्ग से जुड़ा है. दिल्ली और आसपास के शहरों से आने वाले पर्यटक बस, कार या टैक्सी से हल्द्वानी-अल्मोड़ा होते हुए कौसानी पहुंच सकते हैं. बागेश्वर से भी नियमित सड़क संपर्क उपलब्ध है. पहाड़ी रास्ते में पर्यटकों को घुमावदार सड़कों के साथ जंगल, घाटियां और हिमालयी गांवों के खूबसूरत दृश्य देखने को मिलते हैं.

ट्रेन से कैसे पहुंचे

रेल यात्रियों के लिए काठगोदाम रेलवे स्टेशन प्रमुख विकल्प है. कौसानी से इसकी दूरी मार्ग के अनुसार करीब 132 से 150 किलोमीटर के आसपास है. स्टेशन से आगे बस, टैक्सी या निजी वाहन से कौसानी पहुंचा जा सकता है. रास्ते में अल्मोड़ा और पहाड़ी क्षेत्रों के खूबसूरत दृश्य सफर को यादगार बनाते हैं.

हवाई सफर के लिए पंतनगर

हवाई मार्ग से आने वाले पर्यटकों के लिए पंतनगर एयरपोर्ट प्रमुख विकल्प है. कौसानी से इसकी दूरी करीब 162 से 168 किलोमीटर है. एयरपोर्ट से टैक्सी या अन्य सड़क परिवहन के माध्यम से कौसानी पहुंचा जा सकता है. हल्द्वानी के गौलापार से बैजनाथ क्षेत्र तक उपलब्ध हेलीकॉप्टर सेवा भी यात्रियों के लिए एक विकल्प हो सकती है.

कौसानी में कहां-कहां घूमें 

पर्यटक सिम्मी बताती हैं कि कौसानी पहुंचने के बाद पर्यटक अनाशक्ति आश्रम, लक्ष्मी आश्रम, कौसानी टी एस्टेट और स्थानीय बाजार घूम सकते हैं. यहां से हिमालय की नंदा देवी, त्रिशूल और नंदा घुंटी समेत कई ऊंची चोटियों के दृश्य साफ मौसम में दिखाई दे सकते हैं. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पहाड़ों का बदलता रंग पर्यटकों को खास आकर्षित करता है. आसपास का बैजनाथ भी घूमने के लिए अच्छा विकल्प है, जहां प्राचीन मंदिर समूह और शांत प्राकृतिक वातावरण देखने को मिलता है.

कितना बजट काफी

कौसानी की यात्रा का बजट यात्रा के साधन, होटल और ठहरने की अवधि पर निर्भर करता है. बजट यात्रा में बस या साझा टैक्सी, सामान्य होटल/होमस्टे और स्थानीय भोजन को शामिल कर दो लोगों का दो दिन का खर्च लगभग 10 से 15 हजार रुपये के आसपास रखा जा सकता है. बेहतर होटल, निजी टैक्सी और अधिक दिनों के ठहराव से खर्च बढ़ सकता है.

क्यों आएं यहां

कौसानी उन लोगों के लिए खास जगह है, जो भीड़भाड़ से दूर पहाड़ों की शांति, प्राकृतिक सुंदरता और हिमालयी दृश्यों का आनंद लेना चाहते हैं. यहां जाने से पहले मौसम, सड़क की स्थिति और होटल की उपलब्धता की जानकारी लेना बेहतर रहेगा. बरसात और सर्दियों में पहाड़ी मार्गों पर मौसम के अनुसार यात्रा की योजना बनानी चाहिए.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img