‘वॉर पावर्स एक्ट’ को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
डेमोक्रेट्स और युद्ध के आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति के अधिकारों की सीमा पार कर दी है। अमेरिकी ‘वॉर पावर्स एक्ट’ के मुताबिक कोई भी राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना 60 दिनों से ज्यादा समय तक सेना तैनात नहीं रख सकता।
आलोचकों के अनुसार यह समयसीमा 1 मई को ही खत्म हो चुकी थी। हालांकि व्हाइट हाउस का दावा है कि 8 अप्रैल को घोषित सीजफायर के बाद यह समय-सीमा रुक गई थी, जिससे ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए करीब 40 दिन और मिल गए।
हालांकि अमेरिकी नौसेना अब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी जहाजों की नाकेबंदी के लिए तैनात है। यही वजह है कि विपक्ष लगातार ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठा रहा है।





