पहाड़ों का गुरुर तोड़ भारत ने बनाईं ये 6 बेमिसाल टनल, इनकी इंजीनियरिंग है करिश्मा, रोमांचक सफर के लिए रहें तैयार


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India’s Longest Rail Tunnels: भारत ने पिछले कुछ सालों में इंजीनियरिंग की मिसाल पेश की है. उसने ऐसी-ऐसी टनल बनाई है जो भारतीय इंजीनियरिंग का करिश्मा है. ये टनल पहाड़ों के गुरुर को तोड़कर बनाई गई है. वहीं पानी के नीचे भी भारत ने टनल बना ली है. इसका लोहा पूरी दुनिया मानने लगी है. चाहे वह लद्दाख की हाड़ कंपाने वाली ठंड हो या ब्रह्मपुत्र नदी का अथाह पानी, भारतीय इंजीनियरों ने हर चुनौती को मात देकर ऐसी टनल बनाई हैं. ये टनल न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि पर्यटन के लिए भी किसी अजूबे से कम नहीं हैं.अगर आप रोमांचक यात्रा के शौकीन हैं तो तैयार हो जाइए. हम यहां ऐसे 6 टनल के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

भारतीय रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ों पर हिमालयी क्षेत्रों में कई ऐसी सुरंगों का निर्माण किया है जो न केवल इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना हैं बल्कि देश की रणनीतिक और आर्थिक मजबूती का आधार भी हैं. भारत में हर दिन लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. पहाड़ी इलाकों और मुश्किल जगहों पर ट्रेनों के बिना रुकावट चलने में सुरंग मार्गों का बड़ा रोल है.इसलिए ये सुरंगें भारत की कहानी की नई इबारत लिखने के लिए तैयार है.

जो लोग रोमांच और प्राकृतिक सुंदरता से भरी यात्रा पसंद करते हैं, उनके लिए इन सुरंग मार्गों से सफर करना हमेशा एक यादगार अनुभव होता है. इसी तरह, भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की भव्यता को दिखाने वाले देश के सबसे लंबे 6 रेलवे सुरंग मार्गों के बारे में इस पोस्ट में जानिए.

1. जनासु टनल (उत्तराखंड): उत्तराखंड के ऋषिकेश – कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल प्रोजेक्ट के तहत बन रही जनासु टनल भारत की सबसे लंबी रेलवे टनल बनने जा रही है. देवप्रयाग और जनासु के बीच बनी इस टनल की लंबाई 14.57 किलोमीटर है. हिमालय क्षेत्र में इस टनल को आधुनिक टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) से बनाया गया है और यह जल्दी ही लोगों के लिए शुरू होने वाली है.

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2. टनल टी-49 (जम्मू कश्मीर): यह अभी भारत की सबसे लंबी रेलवे टनल है. जम्मू कश्मीर के उधमपुर – श्रीनगर – बारामुला रेलवे लाइन पर बनी यह टनल 12.75 किलोमीटर लंबी है. यह सुम्बर और कारी रेलवे स्टेशनों को जोड़ती है.

3. टनल टी-49 एस्केप टनल (जम्मू कश्मीर): मुख्य सुरंग टी-49 के साथ-साथ, इमरजेंसी रेस्क्यू के लिए यह एस्केप सुरंग बनाई गई है. यह रामबन जिले में है और इसकी लंबाई भी मुख्य सुरंग की तरह 12.75 किलोमीटर है. इमरजेंसी में यात्रियों को सुरक्षित निकालने में यह मदद करती है.

4. पीर पंजाल रेलवे सुरंग (Pir Panjal Railway Tunnel - जम्मू कश्मीर): जम्मू कश्मीर में स्थित यह एक और शानदार सुरंग है. पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच से गुजरने वाली यह सुरंग 11.2 किलोमीटर लंबी है. यह कश्मीर घाटी के काजीगुंड इलाके को जम्मू के बनिहाल से जोड़ती है.

4. पीर पंजाल रेलवे सुरंग (Pir Panjal Railway Tunnel – जम्मू कश्मीर): जम्मू कश्मीर में स्थित यह एक और शानदार सुरंग है. पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के बीच से गुजरने वाली यह सुरंग 11.2 किलोमीटर लंबी है. यह कश्मीर घाटी के काजीगुंड इलाके को जम्मू के बनिहाल से जोड़ती है.

5. ईस्ट-वेस्ट मेट्रो टनल (कोलकाता): कोलकाता की हुगली नदी के नीचे बनी यह टनल भारत की पहली अंडरवॉटर रेलवे टनल है. यह मेट्रो टनल सॉल्ट लेक और हावड़ा को जोड़ती है और इसकी कुल लंबाई 10.80 किलोमीटर है. नदी के नीचे सफर करने का शानदार अनुभव यह देती है.

6. टनल टी-44 (जम्मू कश्मीर): उधमपुर – श्रीनगर – बारामुला रेल प्रोजेक्ट का हिस्सा यह टनल जम्मू कश्मीर में है और करीब 9.8 किलोमीटर लंबी है. यह टनल हिमालय के मुश्किल इलाके को पार करने में काफी मदद करती है.

पहले ऐसी लंबी और आधुनिक टनल रूट्स सिर्फ विदेशों में ही मुमकिन मानी जाती थीं, लेकिन आज भारतीय इंजीनियरों की जबरदस्त काबिलियत से ये भारत में भी हकीकत बन गई हैं और देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में नई क्रांति ला रही हैं.

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