बारिश के बाद आप उठा सकते हैं बागेश्वर के इस खूबसूरत ट्रेक का लुत्फ, कुमाऊं के अंतिम गांव से शुरू


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Pindari Glacier Bageshwar : अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं और कुछ नया एक्सपीरियंस करना चाहते हैं, तो पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है. उत्तराखंड के बागेश्वर में स्थित यह ट्रेक हर साल हजारों ट्रेकरों को अपनी ओर आकर्षित करता है. बारिश के बाद यहां की वादियां हरियाली से भर जाती हैं, रास्ते में बहने वाले झरने, छोटे-छोटे नाले और बुग्याल इसकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं. करीब 45 किलोमीटर लंबे इस ट्रेक में हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के नजारे देखने को मिलते हैं. पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक की शुरुआत बागेश्वर के खाती गांव से होती है, जिसे कुमाऊं का अंतिम आबाद गांव भी कहा जाता है. ट्रेकर तारा रावत ने लोकल 18 को बताया कि फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह ट्रेक किसी स्वर्ग से कम नहीं है.

बागेश्वर का पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय ट्रेकों में गिना जाता है. बारिश के बाद यहां की वादियां हरियाली से भर जाती हैं, रास्ते में बहने वाले झरने, छोटे-छोटे नाले और बुग्याल इसकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं. यह ट्रेक खाती गांव से आगे धाकुड़ी, द्वाली और फुरकिया होते हुए पिंडारी ग्लेशियर तक पहुंचता है. लगभग 45 किलोमीटर लंबे इस ट्रेक में हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं. अगर आप प्रकृति और रोमांच दोनों का आनंद लेना चाहते हैं, तो बारिश के बाद का समय इस ट्रेक के लिए बेहद खास माना जाता है.

पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक की शुरुआत बागेश्वर के खाती गांव से होती है, जिसे कुमाऊं का अंतिम आबाद गांव भी कहा जाता है. यहां पहुंचने के बाद ट्रेकिंग का असली रोमांच शुरू होता है. रास्ते में घने जंगल, लकड़ी के पारंपरिक पुल, पहाड़ी नदियां और शांत वातावरण यात्रियों को अलग अनुभव देते हैं. ट्रेकर तारा रावत ने लोकल 18 को बताया कि गांव के स्थानीय लोग ट्रेकर्स का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं, यहां होमस्टे की सुविधा भी उपलब्ध है. यहां ठहरकर स्थानीय भोजन और पहाड़ी संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलता है, हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक इस ट्रेक का हिस्सा बनते हैं.

पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक का हर पड़ाव अपने आप में खास है. ट्रेक के दौरान रंग-बिरंगे जंगली फूल, ऊंचे देवदार और बुरांश के जंगल, कल-कल बहती पिंडर नदी और बादलों से घिरी पहाड़ियां मन मोह लेती हैं. बारिश के बाद इन दृश्यों की सुंदरता और बढ़ जाती है. धाकुड़ी टॉप से नंदा कोट और आसपास की हिमालयी चोटियों का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है. फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह ट्रेक किसी स्वर्ग से कम नहीं है. हर मोड़ पर प्रकृति का नया रूप देखने को मिलता है, जो इस यात्रा को यादगार बना देता है.

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अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. छुट्टी के दिनों में परिवार या दोस्तों के साथ यहां ट्रेकिंग की योजना बनाई जा सकती है. ट्रेक शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि बारिश के दौरान कुछ रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं. उचित ट्रेकिंग जूते, रेनकोट और जरूरी सामान साथ रखना सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी है. सही तैयारी के साथ यह सफर रोमांच और खूबसूरत यादों से भर देता है.

पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर जाने वाले पर्यटकों के लिए रास्ते में कई स्थानों पर होमस्टे और विश्राम गृह उपलब्ध हैं, खाती, द्वाली और फुरकिया जैसे पड़ावों पर रुककर यात्री आराम कर सकते हैं. स्थानीय परिवार अपने घरों में पर्यटकों को ठहराने के साथ पारंपरिक कुमाऊंनी भोजन भी परोसते हैं, इससे यात्रियों को पहाड़ की संस्कृति, रहन-सहन और खानपान को करीब से जानने का मौका मिलता है. स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी इस ट्रेक को और भी खास बना देती है, यही अनुभव पर्यटकों को दोबारा यहां आने के लिए प्रेरित करता है.

पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक केवल घूमने का ही नहीं बल्कि खुद को शारीरिक रूप से चुनौती देने का भी शानदार अवसर है. लगातार पैदल चलने से शरीर की अच्छी एक्सरसाइज होती है. ताजी पहाड़ी हवा मानसिक तनाव कम करने में मदद करती है. यह ट्रेक मध्यम कठिनाई वाला माना जाता है, इसलिए सामान्य फिटनेस वाले लोग भी इसे पूरा कर सकते हैं. रास्ते में धीरे-धीरे ऊंचाई बढ़ने के कारण यात्रियों को हिमालयी वातावरण का अलग अनुभव मिलता है. प्रकृति के बीच बिताया गया समय मन और शरीर दोनों को तरोताजा कर देता है.

बारिश के बाद ट्रेक पर निकलने से पहले कुछ जरूरी तैयारियां करना बेहद आवश्यक है. मजबूत ट्रेकिंग शूज, गर्म कपड़े, रेनकोट, प्राथमिक उपचार किट, पानी और हल्का भोजन साथ रखें. मौसम खराब होने पर यात्रा टालना बेहतर माना जाता है. समूह में ट्रेक करना अधिक सुरक्षित रहता है, स्थानीय प्रशासन या गाइड की सलाह का पालन करना चाहिए. पर्यटकों से अपील की जाती है कि प्लास्टिक या कचरा रास्ते में न छोड़ें और प्राकृतिक वातावरण को स्वच्छ बनाए रखें. जिम्मेदार पर्यटन से इस खूबसूरत ट्रेक की सुंदरता लंबे समय तक बनी रहेगी.

पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक उन लोगों के लिए खास है, जो हिमालय की असली खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं. ट्रेक के अंतिम पड़ाव से विशाल ग्लेशियर और बर्फ से ढकी चोटियों का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है. यह ट्रेक वर्षों से देश-विदेश के ट्रेकर्स के बीच लोकप्रिय रहा है. बारिश के बाद साफ मौसम मिलने पर यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी आकर्षक नजर आता है. अगर आप इस वीकेंड कुछ अलग और यादगार अनुभव करना चाहते हैं, तो बागेश्वर का पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है.

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