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Health tips : छोटे बच्चों में पेट दर्द से लेकर पाचन संबंधी कई समस्याएं आम हैं. ऐसा उनके अत्यधिक मीठा खाने के कारण है. पेट में कीड़े होने से न सिर्फ बच्चों के पेट में दर्द रहता है, बल्कि उनका शारीरिक विकास भी रुक जाता है. लोकल 18 ने इस बारे में देहरादून की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. शालिनी जुगरान से बात की. डॉ. जुगरान बताती हैं कि नैचुरल डिटॉक्सिफिकेशन के लिए नीम का कोई सानी नहीं है. हमारी बॉडी के अंदर जो विषैले तत्व त्वचा रोगों और सुस्ती का कारण बनते हैं, नीम उन्हें जड़ से मिटाने की शक्ति रखता है. ये बच्चों के लिए वरदान से कम नहीं.
देहरादून. छोटे बच्चे मीठा खाने के बेहद शौकीन होते हैं. इससे उनके पेट में कीड़े बनने लगते हैं. इससे उन्हें पेट दर्द से लेकर पाचन संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इससे निपटने के लिए आप नीम के पत्तों का रस बनाकर उन्हें दे सकते हैं. इसका पाउडर शहद के साथ मिलाकर भी दिया जा सकता है. आप अगर शुगर जैसी समस्या से जूझ रहे हैं तो भी सुबह 3 से 4 नीम की पत्तियों का सेवन कर सकते हैं. इससे राहत मिलेगी. देहरादून की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. शालिनी जुगरान लोकल 18 से बताती हैं कि नीम में कई ऐसी प्रॉपर्टी होती हैं जो स्किन एलर्जी और पेट की समस्याओं को दूर करने का काम करती हैं.
बच्चों में पेट के कीड़े होना एक आम बात है क्योंकि वह बहुत ज्यादा मीठा खाते हैं. पेट में कीड़े होने से न सिर्फ बच्चों के पेट में दर्द रहता है, बल्कि उनका शारीरिक विकास भी रुक जाता है. आपका बच्चा पाचन संबंधी परेशानियों से घिर जाता है. इस परेशानी के समाधान के लिए नीम कारगर है. डॉ. जुगरान बताती हैं कि आप नीम की पत्तियों का ताजा रस निकालकर बच्चों को दे सकते हैं, या नीम पाउडर को शहद के साथ मिलाकर खिला सकते हैं. नीम की कड़वाहट कीड़ों को खत्म करने में इफेक्टिव है. शहद इसके स्वाद को बेलेंस कर देता है.
कैसे करता है काम
डॉ. जुगरान कहती हैं कि नीम सिर्फ पेट की परेशानियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मधुमेह से जूझ रहे लोगों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. सुबह खाली पेट 3 से 4 नीम की पत्तियों का नियमित सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में बड़ी मदद मिलती है. इसमें मौजूद हाइपोग्लाइसेमिक तत्व इंसुलिन की संवेदनशीलता को सुधारते हैं, जिससे शरीर में शर्करा का स्तर सामान्य बना रहता है. यह उन लोगों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी नेचुरल ऑप्शन है, जो शुगर को मैनेज करने के लिए देसी नुस्खों की तलाश में हैं.
आएगी चेहरे पर चमक
डॉ. जुगरान बताती है कि नैचुरल डिटॉक्सिफिकेशन के क्षेत्र में नीम का कोई सानी नहीं है. हमारी बॉडी के अंदर जो विषैले तत्व त्वचा रोगों और सुस्ती का कारण बनते हैं, नीम उन्हें जड़ से मिटाने की शक्ति रखता है. जब हम खाली पेट नीम का सेवन करते हैं, तो यह सीधे हमारे रक्त प्रवाह पर असर करता है और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के कारण संक्रमण से लड़ने की शक्ति देता है. इससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है. बार-बार होने वाली बीमारियों से भी बचाव होता है और शरीर की इम्यूनिटी कई गुना बढ़ जाती है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें





