रमेश ने कहा, ‘‘प्राकृतिक गैस की कहानी तो और भी धुंधली है। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री (मोदी) ने 26 जून, 2005 को यह डींग हांकी थी कि गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन के गहरे समुद्री क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा गैस भंडार खोजा है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि इससे भारत ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि 2011 से 2016 के बीच कैग (नियंत्रक और महालेखा परीक्षक) की पांच रिपोर्ट में बाद में सामने आया कि यह 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला था, जिसे बाद में अगस्त 2017 में गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम का तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम में विलय कराकर ढक दिया गया।





