आंखों की इस बीमारी का आयुर्वेद में है बेस्ट इलाज, साइंस भी मानती है लोहा, बस 20 रुपये है दवा का खर्च


गर्मी की शुरूआत में मौसम के बदलने से आंखों की बीमारी तेजी से फैल गई है. पिछले 3-4 दिनों की बारिश ने आंखों में कंजंक्टिवाइटिस की परेशानी बढ़ा दी है.यही वजह है कि सिर्फ आंखों के ही नहीं बल्कि लगभग सभी अस्पतालों में आंखों की इस परेशानी को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं. आंखों के लाल होने से लेकर उनमें चिपचिपा पदार्थ आने, पानी आने और खुजली की परेशानी व्यस्कों के अलावा छोटे बच्चों में भी देखने को मिल रही है. इस परेशानी को आई फ्लू या पिंक आई भी कहते हैं. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो इस परेशानी का इलाज अस्पतालों के अलावा आपके घर में भी हो सकता है.

एम्स आरपी सेंटर के पूर्व चीफ डॉ. जीवन एस तितियाल कहते हैं कि कंजंक्टिवाइटिस की समस्या आमतौर पर मौसम बदलने पर हर साल ही देखने को मिलती है. इसमें आंख में हल्का दर्द, आंख का लाल होना, पलकों में खुजली और सूजन तक देखी जाती है. यह परेशानी 5 से 7 दिन के अंदर ठीक हो सकती है. कुछ मामलों में यह लंबी भी खिंच सकती है, हालांकि इसके लिए घबराने से ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है.

कैसे फैलता है आई फ्लू? 
डॉ. तितियाल कहते हैं कि कंजंक्टिवाइटिस या आई फ्लू फैलने के कई कारण हो सकते हैं. आई फ्लू का यह संक्रमित व्‍यक्ति के कपड़े छूने से, साथ में सोने से, साथ में खाना खाने से, हाथ मिलाने से, गले मिलने से, उनके कपड़े मसलन तौलिया, रूमाल, गमछा, तकिया, बिस्तर आदि का उपयोग करने से और अपने हाथों से बार बार मुंह, आंखें इत्यादि को छूने से फैलता है.

क्या हैं इसके लक्षण? 
वहीं ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा में आयुर्वेदिक ऑप्‍थेल्‍मोलॉजी में असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकुर त्रिपाठी कहते हैं कि इस बीमारी का सबसे प्रमुख लक्षण है आंखों का लाल होना और आंखों में किरकारापन महसूस होना. इसके अलावा आंख में पानी आता है और लगातार खुजली भी रह सकती है. यह जरूरी नहीं दोनों आंखों में एक साथ हो, एक में भी हो सकता है और फिर पहली आंख के संपर्क में आने से दूसरी आंख में भी फैल सकता है.

आयुर्वेद में है बेस्ट इलाज

ऑल इंड‍िया इंस्‍टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के आयुर्वेदिक ऑप्‍थेल्‍मोलॉजी में असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकुर त्रिपाठी कहते हैं कि वायरल कंजक्टिवाइटिस का बेस्ट इलाज आयुर्वेद में है. आयुर्वेद में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को यह बताया जाता है लेकिन अगर किसी को आई फ्लू है तो वह घर में भी इस इलाज को खुद ले सकता है. इलाज बहुत ही आसान है और सस्ता है. महज 20 रुपये के त्रिफला को पानी में उबालकर और उस पानी को छानकर आपको अपनी आंखें एक एक करके धोनी हैं. ध्यान रखें कि दोनों आंखों के लिए पानी अलग-अलग बर्तनों में लें और एक दूसरे से मिलने न दें.

इसके लिए साफ एक गिलास साफ पानी में दो चुटकी त्रिफला चूर्ण डालकर उबाल लें. फिर इसे गुनगुना होने के बाद एक साफ सूती कपड़े की सात-आठ लेयर बनाकर इसे छान लें, ताकि उस छने हुए पानी में चूर्ण के कण न आएं जो कि आंख में चुभ सकते हैं. फिर इस पानी को दो अलग-अलग गिलासों में करके अलग-अलग आंखों को धोएं. इससे महज दो से 3 दिन में ही आंखें पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगी. बस ध्यान रखें कि त्रिफला सही क्वालिटी का हो.

इस आयुर्वेदिक उपाय पर डॉ. तितियाल कहते हैं, हां आयुर्वेद त्रिफला से आई फ्लू का इलाज करता है और बहुत सारे मरीज इसका सकारात्मक रिजल्ट भी बताते हैं और यह कागगर हो सकता है, लेकिन जो लोग ऐलोपैथिक इलाज ले रहे हैं वे ध्यान रखें कि अपनी मर्जी से आई ड्रॉप खरीदकर आंखों में न डालें, सिर्फ डॉक्टर के परामर्श से ही दवा लें और हाईजीन का ध्यान रखें.



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