Last Updated:
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में बनने वाले करीब 40 करोड़ डॉलर के नए बॉलरूम प्रोजेक्ट का कानूनी संकट फिलहाल टलता दिख रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण जारी रखने की अनुमति दे दी है. अब इस प्रोजेक्ट में इटली की खास भूमिका सामने आई है. अमेरिका के इंडियाना का पत्थर नक्काशी के लिए इटली भेजा गया है.
व्हाइट हाउस के बॉलरूम का निर्माण किया जा रहा है. (Reuters)
वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप जिस भव्य बॉलरूम को खड़ा करना चाहते हैं, उसका रास्ता फिलहाल साफ होता नजर आ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण रोकने से इनकार करते हुए काम जारी रखने की अनुमति दे दी है. अब इस प्रोजेक्ट से जुड़ी एक और दिलचस्प जानकारी सामने आई है. बॉलरूम को खास शाही अंदाज देने के लिए अमेरिका के इंडियाना से निकाला गया पत्थर हजारों किलोमीटर दूर इटली भेजा गया है. सवाल उठता है कि जब पत्थर अमेरिका का है तो उसे इटली भेजने की जरूरत क्यों पड़ी? वजह है वहां की सदियों पुरानी पत्थर तराशने की कारीगरी. व्हाइट हाउस के नए बॉलरूम के खंभों पर बेहद बारीक नक्काशी की जानी है और इसके लिए इटली के विशेषज्ञ कारीगरों की मदद ली जाएगी. यानी इस इमारत की कहानी कुछ ऐसी होगी- पत्थर अमेरिका का, हुनर इटली का और डिजाइन ट्रंप का.
यूरो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 40 करोड़ डॉलर यानी लगभग 3,829.6 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में 8,000 वर्ग मीटर से ज्यादा जगह होगी और करीब 1,000 लोगों के बैठने की क्षमता बताई गई है. निर्माण साइट पर करीब 200 लोग काम कर रहे हैं. लेकिन इसकी सबसे खास कहानी सिर्फ आकार या कीमत नहीं है. बॉलरूम के सामने बनने वाले विशाल खंभों के लिए जिस पत्थर को इटली भेजा गया है, उसकी कारीगरी संभवतः कैरारा में होगी. यही वह इलाका है जो सफेद संगमरमर और पत्थर की नक्काशी के लिए सदियों से दुनिया भर में मशहूर है.
ट्रंप के बॉलरूम की क्या होगी खासियत
महान कलाकार माइकल एंजेलो भी अपने काम के लिए इसी इलाके के संगमरमर का चुनाव करते थे. अब उसी इतालवी कला परंपरा की छाप ट्रंप के नए बॉलरूम पर दिख सकती है. और यह कोई साधारण समारोह स्थल भी नहीं होगा. इसमें एयर-रेड शेल्टर, मेडिकल फैसिलिटी, बेहद सीक्रेट बैठकों के कमरे, ड्रोन और हेलिकॉप्टर के लिए लैंडिंग पैड, ड्रोन-रोधी छत और बुलेटप्रूफ खिड़कियां जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं. व्हाइट हाउस का कहना है कि इसका पैसा निजी स्रोतों से जुटाया जा रहा है और अब तक करीब 35.5 करोड़ डॉलर जुटाए जा चुके हैं. टार्गेट है कि बॉलरूम का बाहरी हिस्सा अप्रैल 2028 तक लगभग तैयार हो जाए.
About the Author

Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
और पढ़ें




