बीच रास्ते में धोखा दे गया इंजन, फिर भी समंदर में सुरक्षित उतरा दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट
वाशिंगटन: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने शुक्रवार को दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट सिस्टम ‘स्टारशिप’ की 12वीं टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी कर ली. स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे के बाद तीसरी पीढ़ी के इस विशाल रॉकेट ने उड़ान भरी और कई तकनीकी दिक्कतों के बावजूद हिंद महासागर में नियंत्रित स्प्लैशडाउन (समुद्र में लैंडिंग) किया.
मिशन के दौरान ऊपरी चरण का एक इंजन फेल होने से यान तय कक्षा (ऑर्बिट) में नहीं पहुंच सका, लेकिन इसका रास्ता नियंत्रण में रहा. अंतरिक्ष में यान ने जटिल पैंतरेबाज़ी दिखाते हुए 22 नकली उपग्रह भी तैनात किए. वहीं, इसका सुपर हैवी बूस्टर अलग होने के बाद मैक्सिको की खाड़ी में अनियंत्रित होकर गिर गया. 124 मीटर ऊंचा यह रॉकेट नासा के आर्टेमिस मिशन के लिए बेहद अहम है जिसके जरिए 2028 तक इंसानों को चांद पर भेजने की तैयारी है. इस सफलता से स्पेसएक्स के आगामी रिकॉर्ड-तोड़ आईपीओ (IPO) को भी बड़ी मजबूती मिलेगी.
वाशिंगटन: एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने शुक्रवार को दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट सिस्टम ‘स्टारशिप’ की 12वीं टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी कर ली. स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे के बाद तीसरी पीढ़ी के इस विशाल रॉकेट ने उड़ान भरी और कई तकनीकी दिक्कतों के बावजूद हिंद महासागर में नियंत्रित स्प्लैशडाउन (समुद्र में लैंडिंग) किया.
मिशन के दौरान ऊपरी चरण का एक इंजन फेल होने से यान तय कक्षा (ऑर्बिट) में नहीं पहुंच सका, लेकिन इसका रास्ता नियंत्रण में रहा. अंतरिक्ष में यान ने जटिल पैंतरेबाज़ी दिखाते हुए 22 नकली उपग्रह भी तैनात किए. वहीं, इसका सुपर हैवी बूस्टर अलग होने के बाद मैक्सिको की खाड़ी में अनियंत्रित होकर गिर गया. 124 मीटर ऊंचा यह रॉकेट नासा के आर्टेमिस मिशन के लिए बेहद अहम है जिसके जरिए 2028 तक इंसानों को चांद पर भेजने की तैयारी है. इस सफलता से स्पेसएक्स के आगामी रिकॉर्ड-तोड़ आईपीओ (IPO) को भी बड़ी मजबूती मिलेगी.





