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डॉ. सुशील सिंगला के अनुसार दूध पीते समय बच्चे के पेट में हवा चली जाती है जिससे पेट दर्द, रोना और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है. सही तरीके से डकार दिलाने से बच्चा आराम से दूध पीता है और अच्छी नींद लेता है. यह समस्या 4 से 6 महीने तक आम हैं.
फरीदाबाद: अक्सर महिलाएं नहीं जानतीं कि अपने बच्चे को कैसे डकार दिलानी है और इसी वजह से कई बार वे बच्चे की सेहत में जो बदलाव होते हैं उन्हें समझ नहीं पातीं. डकार आना तो आम बात है लेकिन बच्चों को डकार दिलवाना सच में थोड़ा झंझट वाला काम है. जब मां को बच्चे की डकार सुनाई देती है तो उसे एक तरह की तसल्ली मिलती है कि दूध अच्छे से पेट में गया.
डकार दिलाना आखिर इतना जरूरी क्यों है
Local18 से बात करते हुए सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8 के डायरेक्टर और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील सिंगला ने बताया डकार दिलाना आखिर इतना जरूरी क्यों है ये समझना वाला मुद्दा है. जब बच्चा दूध पीता है खासकर बोतल से तो उसके साथ-साथ हवा भी पेट में चली जाती है. जब ये हवा बाहर निकालते हैं तो उसी को डकार कहते हैं. इसका मकसद यही है कि अगर हवा पेट में रह गई तो बच्चे का पेट फूला-फूला लगेगा उसे पेट में दर्द होगा बार-बार रोयेगा, चिड़चिड़ा हो जाएगा और दूध पीना भी कम कर देगा.
लेकिन अगर आप अच्छे से डकार दिला देते हैं तो बच्चा दूध भी अच्छी मात्रा में पीएगा और उसे सोने में भी आसानी होगी.
डॉ. सुशील सिंगला ने बताया कई बार आपने देखा होगा कि बच्चों को उल्टी भी हो जाती है, जिसमें दूध के साथ-साथ यही हवा बाहर निकल जाती है. बोतल से दूध पीने वाले बच्चों में ये दिक्कत ज्यादा होती है, जबकि जो बच्चे मां का दूध पीते हैं उनमें कम ही देखने को मिलता है.
डकार दिलाने के कुछ आसान तरीके
डॉ. सुशील सिंगला ने बताया डकार दिलाने के कुछ आसान तरीके हैं. बच्चे को कंधे से सटा लें और उसकी पीठ हल्के से थपथपाएं गोद में लेटा कर पीठ पर हल्का दबाव दें या उसे अपनी गोद में उल्टा लिटा लें और पीठ सहलाएं. डकार का मतलब है कि बड़ी सहजता से पेट की हवा बाहर निकल गई. ये परेशानी आम तौर पर 4 से 6 महीने तक के बच्चों में ज्यादा दिखती है और 6 महीने बाद तो अपने आप ही ठीक भी हो जाती है. ऐसे में डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती जो तरीका बताया वही काफी है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें





