डोंगरगढ़,-14 अगस्त 2026 को आज डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत डोंगरगांव विधानसभा के ग्राम डुडेरा में किसान चौपाल के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीणजनों से आत्मीय जनसंवाद कर सचिव, जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) विष्णु लोधी ने क्षेत्र की समस्याओं एवं जनमांगों को गंभीरता से सुना।
पिछले 13 दिनों से लगातार गांव-गांव पहुंचकर किसान चौपाल के माध्यम से किए जा रहे जनसंवाद में ग्रामीणों की समस्याओं के साथ-साथ सरकार के प्रति बढ़ती नाराजगी और आक्रोश भी खुलकर सामने आ रहा है।डुडेरा के ग्रामीणों ने डुडेरा से धनडोगरी तक सड़क निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी। ग्रामीणों ने बिजली दरों में की गई पांच बार की बढ़ोतरी तत्काल वापस लेने, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना पुनः शुरू करने, स्मार्ट मीटर हटाकर सामान्य मीटर लगाने, अधिक बिजली बिल के नाम पर हुई अतिरिक्त वसूली वापस करने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी।किसानों ने खाद की कीमतें कम करने एवं समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, ₹3,286 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी करने तथा पिछले दो वर्षों में समर्थन मूल्य में हुई वृद्धि की राशि किसानों को देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। वहीं किसान चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और अस्पतालों में डॉक्टरों एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्कूल खोलने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है, लेकिन इसके विपरीत स्कूलों को बंद किए जाने की स्थिति चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने मांग की कि सरकार गांवों में स्कूलों को बंद करने के बजाय वहां पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए तथा बच्चों को बेहतर शिक्षा की सुविधा सुनिश्चित करे। इसी प्रकार अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। विष्णु लोधी ने कहा कि पिछले 13 दिनों से किसान चौपाल के माध्यम से लगातार किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों के बीच जाकर सीधा संवाद कर रहा हूं। गांव-गांव में जनता की समस्याएं सुनने के दौरान जो तस्वीर सामने आ रही है, वह बेहद चिंताजनक है। महंगी बिजली, स्मार्ट मीटर, खाद संकट, सड़क की समस्या, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जैसे मुद्दे सीधे आम जनता के जीवन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का काम केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को जमीन पर सुनिश्चित करना भी है। जब किसी गांव के बच्चे शिक्षक के अभाव में पढ़ाई से प्रभावित हों, अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध न हो, किसान खाद के लिए परेशान हो, परिवार बढ़े हुए बिजली बिल से चिंतित हो और ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे हों, तो इन सवालों पर सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही तय होनी चाहिए।
विष्णु लोधी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है और जनता को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए बार-बार आवाज उठाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और कृषि जैसी बुनियादी आवश्यकताओं को उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को जनता की समस्याओं का केवल संज्ञान नहीं लेना चाहिए, बल्कि उनका समयबद्ध और स्थायी समाधान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान चौपाल का उद्देश्य केवल राजनीतिक कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि गांव की चौपाल तक जनता की आवाज पहुंचाना और जनता की समस्याओं को मजबूती से शासन-प्रशासन के सामने रखना है। किसान चौपाल के माध्यम से सामने आ रही प्रत्येक महत्वपूर्ण समस्या और मांग को संकलित कर शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा तथा समाधान होने तक संघर्ष जारी रखा जाएगा।विष्णु लोधी ने कहा कि आज गांव-गांव में लोगों के बीच सरकार के प्रति नाराजगी और आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि काम और जवाब चाहती है। किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की समस्याओं की अनदेखी लंबे समय तक नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच लगातार संवाद से यह स्पष्ट हो रहा है कि लोग बदलाव चाहते हैं। वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव किसानों, ग्रामीणों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के मुद्दों पर निर्णायक जनादेश का चुनाव होगा। जनता का विश्वास कांग्रेस के साथ मजबूत हो रहा है और 2028 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता।
विष्णु लोधी ने कहा कि किसानों एवं ग्रामीणों की न्यायोचित मांगों के लिए उनकी आवाज बनकर जनहित की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।




