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रेगिस्तान का नाम सुनते ही गर्म रेत, तेज धूप और तपती हवाओं का ख्याल आता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसा रेगिस्तान भी है, जहां सर्दियों में बर्फबारी होती है और सुनहरे रेत के टीलों पर सफेद बर्फ की चादर बिछ जाती है. अफ्रीका का गोबी रेगिस्तान (Gobi Desert) अपनी इसी अनोखी खासियत के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है.
ऐसा रेगिस्तान जहां होती है बर्फबारी.
रेगिस्तान का मतलब अक्सर लोग सिर्फ भीषण गर्मी और रेत से लगाते हैं, लेकिन हर रेगिस्तान ऐसा नहीं होता. गोबी रेगिस्तान, जो दक्षिणी मंगोलिया और उत्तरी चीन में फैला हुआ है, दुनिया के सबसे अनोखे रेगिस्तानों में से एक है. करीब 13 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा सबसे बड़ा रेगिस्तान माना जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां गर्मियों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है, जबकि सर्दियों में यही तापमान -40 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. इसी वजह से यहां कई बार बर्फबारी भी होती है.
रेगिस्तान में बर्फबारी कैसे संभव है?
गोबी रेगिस्तान को कोल्ड डेजर्ट (Cold Desert) कहा जाता है. इसकी वजह इसका भौगोलिक स्थान है. यह समुद्र से काफी दूर स्थित है और चारों ओर ऊंचे पर्वतों से घिरा हुआ है. सर्दियों में साइबेरिया से आने वाली बेहद ठंडी हवाएं इस पूरे इलाके का तापमान तेजी से गिरा देती हैं. जब वातावरण में नमी मौजूद होती है, तो बर्फबारी होने लगती है. यही कारण है कि यहां रेत के टीलों और चट्टानों पर बर्फ की मोटी परत दिखाई देती है.
नजारा किसी जादुई दुनिया से कम नहीं
जब सुनहरी रेत पर सफेद बर्फ की चादर बिछती है, तो गोबी रेगिस्तान का दृश्य बेहद खूबसूरत दिखाई देता है. दूर-दूर तक फैले रेत के टीले, उन पर जमी बर्फ और साफ नीला आसमान इस जगह को किसी फिल्मी लोकेशन जैसा बना देते हैं. यही वजह है कि सर्दियों में यहां आने वाले पर्यटक और फोटोग्राफर इस दुर्लभ नजारे को अपने कैमरे में कैद करने के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं.
सिर्फ रेत ही नहीं, यहां मिलते हैं दुर्लभ जीव भी
गोबी रेगिस्तान जैव विविधता के लिए भी जाना जाता है. यहां जंगली बैक्ट्रियन ऊंट (Wild Bactrian Camel), स्नो लेपर्ड, गोबी भालू (Gobi Bear) और कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं. इनमें से कुछ जीव दुनिया के सबसे संकटग्रस्त वन्यजीवों में शामिल हैं. कठोर मौसम के बावजूद इन जानवरों ने खुद को इस वातावरण के अनुसार ढाल लिया है.
डायनासोर के जीवाश्मों के लिए भी है मशहूर
गोबी रेगिस्तान सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि पुरातात्विक खोजों के लिए भी प्रसिद्ध है. 1920 के दशक में यहां कई डायनासोर के जीवाश्म और अंडे मिले थे, जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. आज भी यहां समय-समय पर नई खोजें होती रहती हैं, इसलिए इसे जीवाश्म विज्ञान के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें




