तेहरान: ईरान-अमेरिका जंग के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार अपनी आपा खोते दिखाई दिए हैं. एक बार गुस्से में उन्होंने ने ईरानी सभ्यता मिटाने की धमकी दे डाली थी. उस वक्त दुनिया भर में थू-थू हुई. इसके बाद उन्होंने कई बार ईरान को गालियां बकी हैं. वहीं, एक बार फिर से गुस्से में ट्रंप के मुंह से वैसी ही बातें निकलती दिखाई दे रही हैं. हाल ही में ईरान ने अमेरिका के खाड़ी दोस्त के साथ बड़ा कांड कर दिया है. इसी पर ट्रंप आगबबूला हो गए. उन्होंने ऐसा बयान दिया है, जो किसी ‘गुंडों वाली जबान’ से कम नहीं है.
रातों-रात ईरान का बड़ा कांड: जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर दागी मिसाइलें
ये पूरा मामला तब गरमाया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रात के अंधेरे में जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान की ओर से ये एक ‘सरप्राइज अटैक’ यानी अचानक किया गया हमला था.
मिसाइलें इतनी तेजी से अमेरिकी बेस की तरफ बढ़ीं कि वहां मौजूद अमेरिकी सैनिकों और एयर डिफेंस सिस्टम को रिएक्शन देने के लिए महज कुछ मिनटों का समय मिला. हालांकि, गनीमत ये रही कि जॉर्डन और अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
हालांकि, इस हमले से अमेरिका के उस गुमान को करारा झटका लगा है, जिसमें वो मानकर चल रहा था कि उसकी चेतावनियों से ईरान डर जाएगा. पिछले हफ्ते ही ट्रंप ने ईरान के खिलाफ होने वाली सीधी सैन्य कार्रवाई को ये सोचकर रोक दिया था कि शायद कूटनीति का रास्ता निकल आए लेकिन ईरान ने उसी ढील का फायदा उठाकर ये मिसाइल कांड कर दिया.
टीवी पर फूटा ट्रंप का गुस्सा: ‘गुंडों वाली बोली’ पर उतरा अमेरिका
ईरान के इस हमले के तुरंत बाद जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को फोन पर इंटरव्यू दिया, तो उनका लहजा कूटनीतिक मर्यादाओं को पूरी तरह पार कर गया. ईरान के एक नए कांड ने उन्हें इस कदर भड़का दिया कि वे सरेआम आपा खो बैठे. जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के बाद ट्रंप का गुस्सा इस कदर फूटा कि उनके मुंह से गालियों और अभद्र भाषा की बौछार हो गई. अमरीकी राष्ट्रपति ने टीवी इंटरव्यू में सरेआम धमकी दी कि अगर तेहरान ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं तो अमेरिका उनकी ‘ऐसी-तैसी करके रख देगा’ (Beat The fking Sh*t Out Of Them). ट्रंप के इस बेहद एग्रेसिव बयान ने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है.
ट्रंप का यह ‘गुंडों वाला अंदाज’ साफ बता रहा है कि जॉर्डन में हुआ ये हमला अमेरिका के आत्मसम्मान पर लगा बड़ा घाव बन चुका है और वाशिंगटन अंदर ही अंदर बुरी तरह छटपटा रहा है.
व्हाइट हाउस में भी भड़के थे ट्रंप
फॉक्स न्यूज पर अपनी भड़ास निकालने से ठीक पहले, ट्रंप ने वाशिंगटन में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. वहां भी उनका गुस्सा साफ झलक रहा था. उन्होंने जॉर्डन वाले हमले को ‘अचानक हमला करने की नाकाम कोशिश’ करार दिया और चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सैनिकों पर एक भी आंच आई तो ईरान को इसके भयानक नतीजे भुगतने होंगे.
दिलचस्प बात ये है कि एक तरफ ट्रंप ईरान को मिट्टी में मिलाने की धमकियां दे रहे हैं तो दूसरी तरफ वो ये दावा भी कर रहे हैं कि अमेरिका अभी भी कूटनीतिक रास्ते के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं करना चाहता. ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ ‘अच्छी बातचीत’ चल रही थी लेकिन अगर वो इस तरह पीठ में छुरा घोंपकर अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएंगे तो फिर बारूद से ही जवाब दिया जाएगा. इस दोहरे रवैये से ये साफ जाहिर होता है कि अमेरिका ईरान पर सीधा चौतरफा युद्ध थोपने से पहले अपनी साख और जनता का समर्थन हासिल करने का जाल बुन रहा है.
अमेरिका और सऊदी का पलटवार: इराक में ईरानी ठिकानों पर गिरीं मिसाइलें
जॉर्डन में हुए मिसाइल हमले के बाद अमेरिका भला चुप कैसे बैठता. अपने गुस्से और छटपटाहट में उसने तुरंत सऊदी अरब से हाथ मिलाया और एक बड़ा जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन शुरू कर दिया. दोनों देशों की वायुसेना ने मिलकर इराक में ईरानी समर्थन वाले मिलिशिया गुटों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक कर दी और उन्हें निशाना बनाया.
इस साझा हमले में इराक में मौजूद हथियारों के गोदामों, राशन के ठिकानों और कमांड सेंटरों को चुन-चुनकर तबाह कर दिया गया. अमेरिका की मानें तो इन्हीं जगहों से उसके खिलाफ हमलों का ताना-बाना बुना जा रहा था. हालांकि, इस सैन्य कार्रवाई से इराक का गुस्सा भड़क गया है और उसने अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए इस एयरस्ट्राइक की कड़े शब्दों में निंदा की है. वहीं दूसरी तरफ, ईरान ने अपना पल्ला झाड़ते हुए साफ कह दिया कि वो जंग को और बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर बात आई तो वो भी चुप बैठने वाला नहीं है.




