PoK में रावलाकोट की हिंसा पर पाकिस्तान की घेराबंदी, एमनेस्टी ने उठाए गंभीर सवाल, जांच करने को कहा


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रावलाकोट में हुई हिंसा पर एमनेस्टी ने पाकिस्तान को फटकार लगाई है. (एएफपी)

पीओके में हिंसा पर एमनेस्टी इंटरनेशनल से पाकिस्तान को बड़ा झटका

* एमनेस्टी इंटरनेशनल,USA ने POK में पाकिस्तान सरकार की हिंसा को बताया गैरकानूनी
* बल प्रयोग की तात्कालिक और पारदर्शी जांच हो: एमनेस्टी इंटरनेशनल
* रावलाकोट से सामने आ रही परेशान करने वाली खबरें पाकिस्तान प्रशासित जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा की जा रही गैरकानूनी हिंसा के लंबे इतिहास से मेल खाती हैं : एमनेस्टी इंटरनेशनल USA
* हम पाकिस्तानी अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि वे सभी संचार सेवाएं तत्काल बहाल करें और मीडिया तथा स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में जाने की अनुमति दें

* चुनाव के दौरान प्रदर्शनकारियों पर घातक बल प्रयोग की खबरों के बीच संचार सेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध तुरंत हटाया जाए: एमनेस्टी इंटरनेशनल

* रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित घातक बल प्रयोग की खबरों पर एमनेस्टी इंटरनेशनल का बयान :

“रावलाकोट से सामने आ रही चिंताजनक खबरें जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा लंबे समय से की जा रही कथित गैरकानूनी हिंसा के इतिहास के अनुरूप हैं. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग की तत्काल, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए. जब तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर लगा प्रतिबंध जारी रहेगा, तब तक जमीनी स्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना गंभीर रूप से प्रभावित होगा. हम पाकिस्तान के अधिकारियों से सभी संचार सेवाएं तत्काल बहाल करने और मीडिया तथा स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देने का आग्रह करते हैं.”

“इस चुनाव के आसपास का तनाव जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण और बढ़ गया है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल लगातार पाकिस्तान के अधिकारियों से इस आंदोलन पर लगा प्रतिबंध हटाने तथा आतंकवाद-रोधी कानूनों का इस्तेमाल JAAC के सदस्यों और समर्थकों को चुप कराने और मनमाने ढंग से हिरासत में लेने के लिए बंद करने की मांग करता रहा है. इस प्रतिबंध का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक हिंसा को उचित ठहराने के बहाने के रूप में नहीं किया जा सकता.”

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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