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दुनिया के ज्यादातर देशों में घर की पहचान उसकी रसोई से होती है, लेकिन थाईलैंड इस मामले में थोड़ा अलग है. यहां खासकर शहरी इलाकों में कई घरों में पारंपरिक किचन देखने को नहीं मिलता. इसकी सबसे बड़ी वजह वहां का मजबूत स्ट्रीट फूड कल्चर और बाहर खाने की आदत है, जिसने लोगों की लाइफस्टाइल को पूरी तरह बदल दिया है.
स्ट्रीट फूड कल्चर ने बदल दी लाइफस्टाइल.
दुनिया के हर देश में खाने-पीने की अपनी अलग संस्कृति होती है. भारत में जहां हर घर की पहचान उसकी रसोई से होती है, वहीं कुछ देशों में यह परंपरा बिल्कुल अलग है. हम बात कर रहे हैं थाईलैंड की, जहां खासकर शहरी इलाकों में कई घरों में पारंपरिक किचन नहीं होता. यह बात सुनकर हैरानी जरूर होती है, लेकिन वहां की लाइफस्टाइल और खानपान की आदतें इस व्यवस्था को पूरी तरह सपोर्ट करती हैं.
थाईलैंड में लोग घर पर खाना बनाने के बजाय बाहर खाना ज्यादा पसंद करते हैं. यहां स्ट्रीट फूड इतना सस्ता, ताजा और आसानी से उपलब्ध होता है कि लोगों को किचन रखने की जरूरत ही महसूस नहीं होती. सुबह से लेकर देर रात तक हर गली में खाने के स्टॉल्स खुले रहते हैं, जहां आपको हर तरह का खाना मिल जाता है. यही वजह है कि यहां के लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बाहर खाने पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं.
स्ट्रीट फूड कल्चर ने बदल दी लाइफस्टाइल
थाईलैंड में स्ट्रीट फूड सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि वहां की पहचान बन चुका है. यहां नूडल्स, फ्राइड राइस, सूप और सीफूड जैसी चीजें बेहद कम कीमत पर मिलती हैं. खाना ताजा बनाकर तुरंत परोसा जाता है, जिससे लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़े शहरों में रहने वाले लोग दिन में एक से ज्यादा बार बाहर का खाना खाते हैं. यही कारण है कि छोटे अपार्टमेंट्स में किचन की जरूरत कम होती जा रही है.
जगह की कमी और मौसम भी हैं कारण
थाईलैंड के बड़े शहरों, खासकर बैंकॉक में, रहने की जगह काफी सीमित होती है. छोटे-छोटे फ्लैट्स में किचन बनाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता. इसके अलावा, वहां का गर्म और उमस भरा मौसम भी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से लोग किचन में ज्यादा समय बिताना पसंद नहीं करते. ऐसे में बाहर जाकर खाना खाना ज्यादा आसान और आरामदायक लगता है.
टूरिज्म और फूड कल्चर का खास कनेक्शन
थाईलैंड हर साल करोड़ों पर्यटकों को आकर्षित करता है और इसका एक बड़ा कारण वहां का फूड कल्चर है. दुनिया भर से लोग यहां के स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने आते हैं. फूड मार्केट्स, नाइट स्ट्रीट्स और लोकल ईटरीज हमेशा भीड़ से भरे रहते हैं. यह देश खाने के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है, जहां बिना किचन के भी लोगों की जिंदगी स्वाद से भरी हुई है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें





