Pakistan Israel Abraham Accords : पाकिस्तान इजरायल को मान्यता देगा? सवाल पर देखने लायक था इशाक डार-रूबियो का मुंह


होमदुनियाअमेरिका

पाकिस्तान इजरायल को मान्यता देगा? सवाल पर देखने लायक था डार-रूबियो का मुंह

Last Updated:

अमेरिका के सामने हमेशा गिड़गिड़ाने वाले पाकिस्तान के हुक्मरानों की सिट्टी-पिट्टी उस वक्त पूरी तरह गुल हो गई, जब वॉशिंगटन में एक पत्रकार ने सीधे अब्राहम एकॉर्ड और इजरायल को मान्यता देने पर चुभता हुआ सवाल दाग दिया. जब पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलकर व्हाइट हाउस से बाहर निकले तो इजरायल से जुड़े इस तीखे सवाल को सुनते ही वहां अचानक सन्नाटा पसर गया.

Zoom

इजरायल पर सवाल सुनकर वापस भागे इशाक डार

वॉशिंगटन: पाकिस्तान यूं तो अमेरिका की जी-हुजूरी में लगा रहता है लेकिन जब बात अब्राहम एकॉर्ड की आती है तो इस्लामाबाद का सबसे पावरफुल बंदा भी कांप जाता है. अब्राहम एकॉर्ड इजरायल को मान्यता देने के लिए अमेरिका का इनीशिएटिव है. जिसके लिए ट्रंप ने खुद मुस्लिम देशों से इजरायल से दोस्ती करने की अपील की है और पाकिस्तान को भी हुक्म दिया है. हालांकि, पाकिस्तान के लिए ये दुनिया का सबसे मुश्किल फैसला है. इस बीच हाल ही में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार, रूबियो से मिलने पहुंचे हैं. इस दौरान उसने इसी असमंजस पर सवाल पूछ लिया गया, जिसे सुनते ही इशाक और रूबियो दोनों का मुंह देखने लायक था.

अब्राहम एकॉर्ड पर कितना लाचार पाकिस्तान?

पाकिस्तान और अमेरिका के बीच अब्राहम एकॉर्ड को लेकर पहले से ही तनाव चल रहा है. पाकिस्तान के माई-बाप ट्रंप ने मुनीर पर इसका हिस्सा बनने के लिए लिखित प्रेशर बनाया, फिर भी कोई फैसला नहीं हो पाया. वजह ये है कि मुनीर ने अगर इस पर साइन कर दिया यानी इजरायल की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया तो उनके देश में बवाल मच जाएगा. जिन आतंकवादियों को पाकिस्तान ने पाल रखा है, वो मुनीर और उनकी कुर्सी दोनों को नहीं छोड़ेंगे.

लश्कर के एक आतंकी सैफुल्ला कसूरी ने हाल ही में पाकिस्तान के हुक्मरानों को तबाह करने की धमकी भी देदी है.
पाकिस्तान और इजरायल के बीच शुरुआत से ही कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं. पाकिस्तान हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर इजरायल का कड़ा विरोध करता आया है.

अगर पाकिस्तान सरकार इजरायल को लेकर थोड़ा सा भी नरम रुख दिखाती है, तो उसे अपने देश के अंदर भारी विरोध और कट्टरपंथियों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है. पाकिस्तान इतना कमजोर है कि अमेरिका के बिना उसका गुजारा नहीं हो सकता. ऐसे में वो खुलकर अमेरिकी कोशिशों को खारिज भी नहीं कर पा रहा है.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img