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Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघीय जज क्रिस्टोफर कूपर के फैसले पर भड़क गए हैं. जज ने जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स से ट्रंप का नाम जोड़ने के फैसले को रद्द कर दिया और संस्थान को दो साल के लिए बंद कर बड़े पैमाने पर मरम्मत करने की योजना पर भी रोक लगा दी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लंबा पोस्ट लिखकर कहा कि अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति के साथ अदालतों ने इतना अनुचित व्यवहार नहीं किया. उन्होंने जज पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपने फैसले पर शर्म आनी चाहिए. यह मामला अब राष्ट्रपति की शक्तियों और संघीय संस्थानों की स्वायत्तता पर नई बहस का कारण बन गया है.
ट्रंप केनेडी सेंटर से उनका नाम हटाने के कोर्ट आदेश पर भड़क गए. (फोटो AP)
Donald Trump Slams Judge: अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप और विवाद का रिश्ता कोई नया नहीं है. लेकिन इस बार मामला किसी चुनावी रैली, विरोधी नेता या विदेशी नीति का नहीं, बल्कि देश की न्यायपालिका और एक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्थान से जुड़ा है. ट्रंप उस समय भड़क उठे जब एक संघीय जज ने वॉशिंगटन स्थित जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स से उनका नाम जोड़ने के फैसले को रद्द कर दिया. इतना ही नहीं कोर्ट ने उस योजना पर भी रोक लगा दी जिसके तहत इस ऐतिहासिक संस्थान को बड़े पैमाने पर मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए अस्थायी रूप से बंद किया जाना था. फैसले के बाद ट्रंप ने इसे सिर्फ कानूनी झटका नहीं माना, बल्कि इसे अपने खिलाफ न्यायपालिका की लगातार कार्रवाई का हिस्सा बताया.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लंबा पोस्ट लिखते हुए नाराजगी जाहिर की. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति के साथ अदालतों ने इतना अनुचित व्यवहार नहीं किया. ट्रंप का कहना है कि केनेडी सेंटर की इमारत जर्जर हो चुकी है और वहां सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरे मौजूद हैं. इसके बावजूद जज ने उनकी बातों को महत्व नहीं दिया. इसी वजह से उन्होंने जज क्रिस्टोफर कूपर पर सीधे निशाना साधा और कहा कि उन्हें अपने फैसले पर शर्म आनी चाहिए. यह मामला अब सिर्फ एक इमारत या नामकरण विवाद नहीं रह गया है, बल्कि राष्ट्रपति की शक्तियों और संघीय संस्थानों पर नियंत्रण को लेकर नई बहस का केंद्र बन गया है.
केनेडी सेंटर विवाद पर ट्रंप और कोर्ट आमने-सामने
- यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब केनेडी सेंटर के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने संस्थान के नाम के साथ डोनाल्ड ट्रंप का नाम जोड़ने का फैसला किया. साथ ही इमारत की व्यापक मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए इसे दो वर्षों तक बंद करने का प्रस्ताव भी रखा गया. लेकिन अमेरिकी जिला जज क्रिस्टोफर कूपर ने इस फैसले को रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि संघीय कानून के तहत इस संस्थान का नाम पहले से तय है और इसे बदलने का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है. अदालत ने यह भी कहा कि बोर्ड ने अपने अधिकारों की सीमा का उल्लंघन किया है.
- जज कूपर ने अपने आदेश में लिखा, ‘कोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बोर्ड ने राष्ट्रपति ट्रंप के नाम पर केनेडी सेंटर का नाम बदलकर अपने वैधानिक अधिकारों की सीमा का उल्लंघन किया है. केनेडी सेंटर को उसका नाम कांग्रेस ने दिया था और इसे बदलने का अधिकार भी केवल कांग्रेस के पास है.’
- फैसले के बाद ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति के साथ अदालतों ने उतना अन्याय नहीं किया है, जितना मेरे साथ किया जा रहा है.’ ट्रंप ने दावा किया कि अदालतें लगातार उनके एजेंडे को रोकने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वह देश की सेवा करते रहेंगे.
जज पर ट्रंप का सीधा हमला
ट्रंप ने कहा कि केनेडी सेंटर की इमारत बेहद खराब हालत में है. उनके अनुसार, ‘प्रमुख भवन और निर्माण विशेषज्ञों ने जज कूपर को बताया था कि यह इमारत संरचनात्मक रूप से खतरनाक स्थिति में है. इसमें सड़ चुकी बीम हैं, पार्किंग क्षेत्र ढहने की स्थिति में हैं और जीवन व सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर खतरे मौजूद हैं.’
उन्होंने आगे कहा कि इसके बावजूद जज प्रभावित नहीं हुए और इमारत को खुला रखने का फैसला किया. ट्रंप ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘जज कूपर को खुद पर शर्म आनी चाहिए!’
कांग्रेस को सौंपने की तैयारी
कोर्ट के फैसले से नाराज ट्रंप ने कहा कि अब उनकी सरकार केनेडी सेंटर की जिम्मेदारी फिर से कांग्रेस को सौंपने की दिशा में काम करेगी. उन्होंने डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए लिखा, ‘कट्टर वामपंथी डेमोक्रेट्स इस मरते हुए कला संस्थान को बचाने से ज्यादा आपके पसंदीदा राष्ट्रपति, यानी मुझसे, विरोध करने में रुचि रखते हैं. इसलिए हम कांग्रेस के साथ मिलकर इस विफल हो रहे संस्थान को वापस उनके नियंत्रण में देने पर काम करेंगे.’ ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने वाणिज्य विभाग को आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दे दिया है ताकि संस्थान का संचालन, रखरखाव और प्रबंधन कांग्रेस के अधीन किया जा सके.
राष्ट्रपति की शक्तियों पर नई बहस
ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि उन्हें अपनी योजनाओं के अनुसार काम करने की स्वतंत्रता नहीं मिली तो वह इस संस्थान से दूरी बना सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘जब तक मुझे वह करने की आजादी नहीं मिलती, जिसे मैं किसी और से बेहतर कर सकता हूं… इस संस्थान को भौतिक, वित्तीय और कलात्मक रूप से पुनर्जीवित करना तब तक मेरी ऐसी यात्रा जारी रखने में कोई रुचि नहीं है, जो केवल एक निराशाजनक सफर बनकर रह जाए.’
फिलहाल कोर्ट का फैसला लागू है और केनेडी सेंटर का नाम बदलने की योजना रद्द हो चुकी है. लेकिन ट्रंप की प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि यह कानूनी लड़ाई अभी खत्म होने वाली नहीं है.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें





