‘प्लीज रुक जाओ… बातचीत करते हैं…’ अमेरिका ने ईरान पर अचानक क्यों रोक दिए हमले? डोनाल्ड ट्रंप ने बताई वजह


Last Updated:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर अपने सैन्य हमले इसलिए रोके, क्योंकि तेहरान ने हमले रोकने की अपील की थी. उन्होंने खुद बातचीत की इच्छा जताई थी. ट्रंप ने आगे कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो हम फिर वही करेंगे जो पहले कर रहे थे.

Zoom

डोनाल्ड ट्रंप.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरान पर अपने हालिया सैन्य हमले इसलिए रोके क्योंकि तेहरान ने खुद आगे बढ़कर शांति की गुहार लगाई थी. उन्होंने बैठक की मांग की थी.

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने हमसे बहुत सलीके से कहा कि प्लीज हमले रोकिए, आइए बात करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि अब देखते हैं कि क्या होता है. अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे फिर से वही कार्रवाई शुरू कर देंगे.

अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो हफ्ते तक सैन्य हमले चलते रहे. इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल कार्रवाई रोक दी है. ट्रंप का कहना है कि अब दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है. इससे कुछ अच्छे नतीजे निकल सकते हैं.

‘ईरान खुद बातचीत के लिए आगे आया’

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने सीधे और अपने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि अगर वे कमजोर होते तो ईरान कभी बातचीत की मांग नहीं करता. वे इसलिए मिलना चाहते हैं क्योंकि उन पर अमेरिका ने काफी कड़ा हमला किया है.

अमेरिका के भीतर भी उठे सवाल

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में बताया है कि हमले रोकने का फैसला सिर्फ कूटनीति की वजह से नहीं लिया गया. रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिकी नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने युद्ध लंबा खिंचने के खतरे, हथियारों के भंडार और क्षेत्रीय हालात को लेकर चिंता जताई थी. इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन कैन शामिल हैं.

सेंटकॉम कमांडर ने भी दी थी सलाह

एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने भी सुझाव दिया था कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास चल रहे बमबारी अभियान को रोक दिया जाए. इससे अब ज्यादा सैन्य फायदा नहीं मिल रहा था. बताया गया कि उनकी सलाह ने भी ट्रंप के फैसले को प्रभावित किया.

‘बात नहीं बनी तो फिर हमला’

ट्रंप ने साफ कहा कि अगर बातचीत सफल नहीं हुई तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल बातचीत जारी है. लेकिन अंतिम फैसला इसी पर निर्भर करेगा कि दोनों देशों के बीच कोई नया समझौता हो पाता है या नहीं.

मिसाइलों को लेकर भी दिया जवाब

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार और मिसाइलें मौजूद हैं. उन्होंने दावा किया कि पैट्रियट मिसाइल सिस्टम का उत्पादन भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है. अमेरिका अपनी रक्षा क्षमता लगातार मजबूत कर रहा है.

ईरान का रुख अलग

हालांकि, इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि अमेरिका के साथ फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है. ऐसे में दोनों देशों के बयानों में बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है. अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह तनाव बातचीत से खत्म होगा या फिर एक बार फिर सैन्य टकराव शुरू होगा.

About the Author

authorimg

सज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…

और पढ़ें



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img