NASA Mars Rover Curiosity: मंगल ग्रह की उबड़-खाबड़ सतह पर रिसर्च कर रहे नासा के क्यूरियोसिटी रोवर के साथ हाल ही में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उम्मीद मिशन कंट्रोल में बैठे वैज्ञानिकों ने भी नहीं की थी. रोवर की लोहे जैसी मजबूत रोबोटिक बांह को एक चट्टान ने इस कदर जकड़ लिया कि उसे छुड़ाने में पूरे सात दिन लग गए. इस दौरान वैज्ञानिकों की सांसें थमी रहीं, क्योंकि रोबोटिक आर्म रोवर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. अगर यह बांह जाम हो जाती, तो करोड़ों डॉलर का यह मिशन खतरे में पड़ सकता था. करीब एक हफ्ते के ‘संघर्ष’ के बाद अब नासा ने राहत की सांस ली है.
अटाकामा चट्टान ने रोवर को कैसे बनाया अपना बंधक?
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब क्यूरियोसिटी रोवर मंगल के गेल क्रेटर के बीच स्थित माउंट शार्प की ढलानों पर जांच कर रहा था. वहां वैज्ञानिकों को ‘अटाकामा’ नाम की एक चट्टान दिखाई दी. यह चट्टान लगभग 1.5 फीट चौड़ी और 6 इंच मोटी थी. इसका वजन करीब 13 किलोग्राम था. वैज्ञानिकों को लगा कि यह चट्टान मंगल के रहस्यों को समझने के लिए एकदम सही है.
25 अप्रैल को जैसे ही रोवर ने इसमें ड्रिलिंग शुरू की, मामला बिगड़ गया. आमतौर पर ड्रिलिंग के बाद रोवर अपनी बांह वापस खींच लेता है, लेकिन इस बार ड्रिल बिट के साथ पूरी की पूरी चट्टान ही जमीन से ऊपर उठ गई और रोवर की बांह में फंस गई.
मंगल ग्रह पर NASA के क्यूरियोसिटी रोवर की बांह में फंसी चट्टान. (Photo : NASA)
वैज्ञानिकों ने रोवर की बांह छुड़ाने के लिए क्या पैंतरे अपनाए?
जब चट्टान बांह से अलग नहीं हुई, तो कोलोराडो के स्पेस साइंस इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने इसे हटाने का प्लान बनाया. सबसे पहले 29 अप्रैल को रोवर की ड्रिल में कंपन (Vibration) पैदा किया गया ताकि चट्टान हिलकर गिर जाए, लेकिन कामयाबी नहीं मिली.
इसके बाद बांह की दिशा बदलकर फिर से वाइब्रेशन दिया गया, जिससे चट्टान के सिर्फ छोटे-छोटे टुकड़े ही गिरे.
इस तकनीकी खराबी से मिशन को क्या नुकसान हुआ?
भले ही रोवर की बांह अब सुरक्षित है, लेकिन इस चक्कर में वैज्ञानिकों को एक बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है. ड्रिलिंग के दौरान जो सैंपल इकट्ठा किए गए थे, वे चट्टान को हटाने की प्रक्रिया में नष्ट हो गए. यानी जिस रिसर्च के लिए यह पूरी कवायद की गई थी, उसका डेटा फिलहाल हाथ से निकल गया है.
अब क्यूरियोसिटी टीम मंगल की सतह पर किसी ऐसी चट्टान की तलाश कर रही है, जो जमीन में मजबूती से धंसी हो ताकि ड्रिलिंग के समय दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो.





