Last Updated:
नेवादा के रेगिस्तान में छिपा ‘एरिया 51’ (Area 51) दशकों से दुनिया के लिए सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई पारदर्शिता नीति ने इस रहस्यमयी किले की दीवारों को हिला दिया है. ट्रंप के निर्देश पर UFO और एलियंस से जुड़ी गुप्त फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद अब ये चर्चा तेज है कि क्या सरकार जल्द ही एरिया 51 के गेट भी आम जनता के लिए खोल देगी. 1947 के ‘रॉसवेल कांड’ के मलबे से लेकर एलियन स्पेसक्राफ्ट की ‘रिवर्स इंजीनियरिंग’ तक, इस बेस से जुड़ी हर डरावनी और सनसनीखेज कहानी अब सच के करीब लग रही है.
एरिया 51 कॉन्सपिरेसी थ्योरी
वॉशिंगटन: अमेरिका का एक एरिया है, जिसके बारे में तरह-तरह की अफवाहें हैं. कोई कहता है कि यहां एलियन्स कैद करके रखे जाते हैं तो किसी को वहां पर उड़न तश्तरियों (UFOs) के सीक्रेट एक्सपेरिमेंट का शक है. एक वक्त पर इस इलाके में 15 लाख लोग एक साथ फट पड़ थे लेकिन सरकार ने यहां के राज को छुपाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी और यहां पर किसी को घुसने नहीं दिया. हालांकि, अब ट्रंप जिस तरह एक के बाद एक गुप्त फाइलें सार्वजनिक कर रहे हैं, उससे ये चर्चा तेज हो गई है कि क्या वो ‘एरिया 51’ के गेट भी हमेशा के लिए खोल देंगे?
क्या है एरिया 51 का ‘डर्टी सीक्रेट’?
इस इलाके का ऑफिशियल नाम नेवादा टेस्ट एंड ट्रेनिंग रेंज’ है जो ‘ग्रूम लेक’ के किनारे बसा है. ये इलाका कहने को तो अमेरिकी वायु सेना का ट्रेनिंग सेंटर है, लेकिन इसकी सुरक्षा इतनी कड़ी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता. सशस्त्र गार्ड्स और सेंसर से लैस इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां 1947 के मशहूर ‘रॉसवेल इंसिडेंट’ यानी UFO के मलबे रखे गए हैं. जानकारों का मानना है कि वैज्ञानिक यहां एलियन जहाजों की ‘रिवर्स इंजीनियरिंग’ कर रहे हैं ताकि उनकी तकनीक को कॉपी किया जा सके.
एलियंस और UFO का कनेक्शन
- रॉसवेल कांड: 1947 में न्यू मैक्सिको में क्रैश हुए एक कथित ‘फ्लाइंग सॉसर’ (UFO) के मलबे को यहां लाने की बात कही जाती है.
- रिवर्स इंजीनियरिंग: साजिश के जानकारों का मानना है कि वैज्ञानिक यहां एलियन स्पेसशिप को खोलकर उनकी तकनीक समझने की कोशिश कर रहे हैं.
- बॉब लेजार का दावा: 1989 में बॉब लेजार नाम के एक शख्स ने टीवी पर आकर दावा किया था कि उसने यहां एलियन स्पेसक्राफ्ट पर काम किया है, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई थी.
- घुसने वाले थे 15 लाख लोग: 2019 में एक फेसबुक इवेंट Storm Area 51, They Can’t Stop All of Us इतना वायरल हुआ कि करीब 15 लाख लोगों ने वहां धावा बोलने की कसम खाई थी. हालांकि, असल में वहां केवल कुछ सौ लोग ही पहुंचे और किसी को अंदर जाने नहीं दिया गया.
ट्रंप का ‘मास्टरस्ट्रोक’: क्या अब एरिया 51 की बारी है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में UFO से जुड़ी कई गुप्त फाइलें सार्वजनिक कर दुनिया को चौंका दिया है. अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या अगला नंबर ‘एरिया 51’ का है? ट्रंप सरकार की नई ‘ट्रांसपेरेंसी’ नीति ने उन लोगों को उम्मीद दे दी है जो सालों से इस बेस के सच का इंतजार कर रहे हैं.
क्या छिपाई जा रही है कोई बड़ी सच्चाई?
एक सर्वे के मुताबिक, 54% अमेरिकी मानते हैं कि सरकार UFO के बारे में वह सब नहीं बता रही जो वह जानती है. बिल क्लिंटन से लेकर बराक ओबामा तक, कई राष्ट्रपतियों ने ‘एरिया 51’ का जिक्र तो किया, लेकिन किसी ने भी इसके गहरे राज नहीं खोले. ट्रंप की नई नीति के बाद अब WAR.GOV/UFO पोर्टल पर फाइलों का आना ये संकेत है कि शायद अब वो ‘चाबी’ जनता के हाथ लगने वाली है जिससे एरिया 51 का ताला खुलेगा.
About the Author

Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of News18 Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें





