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Manhattanhenge 2026 Photos: न्यूयॉर्क में एक बार फिर मैनहैटनहेंज का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब डूबता सूरज मैनहैटन की सड़कों और गगनचुंबी इमारतों के बीच बिल्कुल सीध में दिखाई दिया. यह दुर्लभ खगोलीय घटना साल में कुछ ही दिनों के लिए होती है. हजारों लोग इस खास सूर्यास्त को देखने और कैमरे में कैद करने सड़कों पर पहुंचे. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. (फोटो Instagram/@craigsbeds and @josh.sobel)
न्यूयॉर्क शहर वैसे तो अपनी चमचमाती रोशनी, ऊंची-ऊंची इमारतों और भागती-दौड़ती जिंदगी के लिए दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन साल में कुछ दिन ऐसे आते हैं जब यह शहर किसी प्राकृतिक कला प्रदर्शनी जैसा दिखाई देने लगता है. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ जब आसमान में डूबता सूरज मैनहैटन की सड़कों और गगनचुंबी इमारतों के बीच बिल्कुल सटीक तरीके से दिखाई दिया. इस अनोखे दृश्य को ‘मैनहैटनहेंज’ कहा जाता है. जैसे ही सूर्य क्षितिज की ओर बढ़ा, हजारों लोग कैमरे और मोबाइल लेकर सड़कों पर पहुंच गए. तस्वीरों में ऐसा लग रहा था मानो सूरज खुद शहर की सड़कों के बीच बैठ गया हो. यही वजह है कि इस नजारे को दुनिया के सबसे खूबसूरत सूर्यास्तों में गिना जाता है.

इस घटना की सबसे खास बात यह है कि यह हर साल केवल कुछ चुनिंदा दिनों में ही दिखाई देती है. मैनहैटनहेंज आमतौर पर ग्रीष्म अयनांत यानी समर सॉल्सटिस से लगभग तीन सप्ताह पहले और तीन सप्ताह बाद होता है. इस साल इसका पहला प्रमुख दृश्य मई के आखिर में दिखाई दिया, जबकि जुलाई में भी इसके दो और अवसर मिलने वाले हैं. खगोल विज्ञान के जानकार बताते हैं कि इन दिनों सूर्य का कोण ऐसा बनता है कि वह मैनहैटन की ग्रिड प्रणाली वाली सड़कों के साथ पूरी तरह मेल खा जाता है.

इस दिलचस्प नाम के पीछे भी एक रोचक कहानी है. ‘मैनहैटनहेंज’ शब्द को मशहूर खगोल भौतिकीविद नील डीग्रास टायसन ने 1997 में लोकप्रिय बनाया था. उन्होंने इंग्लैंड के प्राचीन स्मारक स्टोनहेंज से प्रेरणा लेकर यह नाम दिया था. स्टोनहेंज में भी सूरज की किरणें खास दिनों में पत्थरों के बीच से गुजरती हैं. टायसन को लगा कि मैनहैटन की ऊंची इमारतों के बीच से गुजरता सूरज उसी तरह का दृश्य पेश करता है, इसलिए उन्होंने इसे मैनहैटनहेंज नाम दिया.
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न्यूयॉर्क में इस नजारे को देखने के लिए कुछ खास स्थान सबसे लोकप्रिय माने जाते हैं. 14वीं स्ट्रीट, 23वीं स्ट्रीट, 34वीं स्ट्रीट, 42वीं स्ट्रीट और 57वीं स्ट्रीट पर हर साल बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं. जैसे-जैसे सूर्यास्त का समय करीब आता है, सड़कों पर फोटोग्राफरों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ बढ़ने लगती है. कई लोग घंटों पहले अपनी जगह तय कर लेते हैं ताकि उन्हें सबसे बेहतरीन तस्वीर मिल सके.

दिलचस्प बात यह है कि मैनहैटनहेंज कोई आधिकारिक या सरकारी आयोजन नहीं है. यहां कोई टिकट नहीं बिकता और न ही किसी प्रकार का मंच लगाया जाता है. यह पूरी तरह लोगों के उत्साह पर आधारित घटना है. मौसम साफ हो तो हजारों लोग अपने-अपने कैमरे लेकर सड़क किनारे खड़े हो जाते हैं. लेकिन अगर बादल छा जाएं या बारिश हो जाए तो यह खूबसूरत दृश्य दिखाई नहीं देता. इसलिए मौसम का साथ मिलना भी बेहद जरूरी होता है.

दुनिया के कुछ अन्य शहरों में भी इसी तरह की घटनाएं होती हैं. शिकागो में ‘शिकागोहेंज’, बाल्टीमोर में ‘बाल्टीमोरहेंज’ और कनाडा के टोरंटो में ‘टोरंटोहेंज’ जैसे दृश्य देखने को मिलते हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मैनहैटनहेंज सबसे ज्यादा आकर्षक इसलिए लगता है क्योंकि यहां की इमारतें बेहद ऊंची हैं और हडसन नदी की दिशा में सूर्यास्त का रास्ता लगभग खुला रहता है. यही वजह है कि यहां बनने वाला दृश्य किसी फिल्मी फ्रेम जैसा दिखाई देता है.

मैनहैटनहेंज सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि प्रकृति और आधुनिक शहर के अद्भुत मेल का उत्सव भी है. कंक्रीट के जंगल के बीच जब सुनहरा सूरज इमारतों की कतारों में सटीक रूप से नजर आता है तो यह दृश्य लोगों को कुछ पल के लिए रुककर आसमान की ओर देखने पर मजबूर कर देता है. यही कारण है कि हर साल हजारों लोग इस पल का इंतजार करते हैं और इसकी तस्वीरें दुनिया भर में साझा करते हैं. न्यूयॉर्क का यह अनोखा सूर्यास्त एक बार फिर साबित करता है कि प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रंग कहीं भी बिखेर सकती है. (फोटो AP)





