शांति का संदेश देते हुए उन्होंने ‘सुप्रीम पावर’ का नाम जपते रहने की सलाह दी। उनके मुताबिक उनका नाम इंसानों को शैतान और उसके सहायकों की बेड़ियों से मुक्त होने, ईश्वरीय कर्तव्यों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने और स्वार्थ तथा सांसारिक इच्छाओं से ऊपर उठकर दुनियावी और शाश्वत सुख प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है।
ईरान के सुनहरे इतिहास को याद करते हुए उन्होंने आगे कहा, “इसी (ईश्वरीय) नाम के साथ 47 वर्ष पहले ईरान की मुस्लिम जनता उठ खड़ी हुई थी। इसी शक्ति ने अत्याचारी, तानाशाही और विदेशी शक्तियों पर निर्भर पहलवी शासन को गिरा दिया, अमेरिका के प्रभाव को खत्म किया और जायोनी प्रभाव को पूरी तरह खत्म कर दिया।”





