ईरान ने दबाव की राजनीति को बताया ‘भ्रम’
दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि बातचीत के सभी रास्ते खुले हैं, लेकिन दबाव बनाकर ईरान को झुकाने की कोशिश सफल नहीं होगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा कि ईरान ने हमेशा अपने वादों को निभाया है और युद्ध टालने की कोशिश की है।
पेजेश्कियान ने कहा, “डिप्लोमेसी में आपसी सम्मान, युद्ध की तुलना में कहीं ज्यादा समझदारी भरा, सुरक्षित और टिकाऊ रास्ता है।” इसके साथ ही ईरान ने समझौते के लिए अपनी पुरानी मांगें भी दोहराईं। इनमें विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना और ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करना शामिल है।





