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B2 Bomber Details: अमेरिका का B-2 52 स्पिरिट बॉम्बर दुनिया का सबसे खतरनाक और एडवांस स्टील्थ विमान माना जाता है. इसकी 11 हजार किलोमीटर की रेंज, परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता और राडार को चकमा देने वाली तकनीक इसे बेहद घातक बनाती है. यह विमान बिना दिखाई दिए दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, परमाणु ठिकानों और भूमिगत बंकरों पर हमला कर सकता है. B-2 करीब 40 हजार पाउंड हथियार लेकर उड़ान भर सकता है. हवा में ईंधन भरने के बाद इसकी रेंज 19 हजार किलोमीटर तक पहुंच जाती है. अमेरिकी सेना इसे ‘फर्स्ट स्ट्राइक वेपन’ मानती है. यह विमान अमेरिका की परमाणु ताकत का अहम हिस्सा है और दुनिया के सबसे महंगे फाइटर जेट्स में शामिल है. चीन और रूस जैसे देश भी इसकी स्टील्थ तकनीक को बड़ी चुनौती मानते हैं. (सभी फाइल फोटो Reuters)
अमेरिका का सबसे खतरनाक और एडवांस स्टील्थ बॉम्बर B-2 52 स्पिरिट एक बार फिर चर्चा में है. कैलिफोर्निया के एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर हुए सैन्य हादसे के बाद इस विमान की ताकत और तकनीक को लेकर पूरी दुनिया में बहस छिड़ गई है. यह वही बॉम्बर है जिसे अमेरिका अपनी परमाणु ताकत की रीढ़ मानता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दुश्मन के सबसे हाईटेक राडार सिस्टम को भी चकमा देकर हजारों किलोमीटर दूर जाकर हमला कर सकता है. इसकी उड़ान और हमला इतना सटीक माना जाता है कि दुश्मन को तब तक भनक नहीं लगती, जब तक उसके ठिकाने तबाह नहीं हो जाते. यही वजह है कि चीन, रूस और ईरान जैसे देश भी इस विमान को लेकर हमेशा सतर्क रहते हैं.

B-2 स्पिरिट को ‘फ्लाइंग विंग’ डिजाइन पर बनाया गया है. इसकी बनावट किसी विशालकाय काले पक्षी जैसी दिखती है. इस विमान में राडार एब्जॉर्बिंग मैटेरियल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह राडार स्क्रीन पर लगभग गायब हो जाता है. अमेरिकी वायुसेना इसे ‘फर्स्ट स्ट्राइक वेपन’ कहती है. यानी युद्ध शुरू होते ही सबसे पहले यही दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल स्टेशन और बंकरों को तबाह करता है. इसके बाद बाकी लड़ाकू विमान हमला शुरू करते हैं. यही कारण है कि इसे दुनिया का सबसे घातक बॉम्बर माना जाता है.

B-2 बॉम्बर की कीमत सुनकर भी लोग दंग रह जाते हैं. एक विमान की कुल लागत करीब 2.1 अरब डॉलर यानी लगभग 19 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जाती है. इसकी स्टील्थ कोटिंग इतनी संवेदनशील होती है कि इसे खास एयर कंडीशन हैंगर में रखा जाता है. इसके रखरखाव पर हर घंटे करोड़ों रुपए खर्च होते हैं. एक घंटे की उड़ान का खर्च ही करीब डेढ़ लाख डॉलर तक पहुंच जाता है. यही वजह है कि दुनिया के बहुत कम देशों के पास इतनी एडवांस तकनीक मौजूद है.
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इस बॉम्बर की सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबी दूरी और भारी हथियार ले जाने की क्षमता है. B-2 बिना रुके करीब 11 हजार किलोमीटर तक उड़ सकता है. अगर हवा में ईंधन भर दिया जाए तो इसकी रेंज 19 हजार किलोमीटर तक पहुंच जाती है. इसका मतलब यह है कि यह अमेरिका से उड़ान भरकर दुनिया के किसी भी हिस्से में हमला कर सकता है और वापस लौट सकता है. इसी क्षमता के कारण इसे वैश्विक युद्ध रणनीति का सबसे अहम हथियार माना जाता है.

B-2 बॉम्बर करीब 40 हजार पाउंड यानी लगभग 18 हजार किलो तक हथियार ले जा सकता है. इसमें पारंपरिक बम, स्मार्ट मिसाइलें और परमाणु हथियार तक शामिल होते हैं. अमेरिका ने इसे खासतौर पर दुश्मन के भूमिगत बंकर और परमाणु ठिकानों को तबाह करने के लिए डिजाइन किया था. यही कारण है कि यह विमान बेहद खतरनाक माना जाता है. इसकी बमबारी से जमीन के अंदर बने मजबूत कंक्रीट बंकर भी ध्वस्त हो सकते हैं.

B-2 स्पिरिट अमेरिका की परमाणु रणनीति का अहम हिस्सा है. यह B61 और B83 जैसे थर्मोन्यूक्लियर हाइड्रोजन बम ले जाने में सक्षम है. युद्ध की स्थिति में यह दुश्मन के कमांड सेंटर, परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को मिनटों में खत्म कर सकता है. अमेरिकी सेना इसे “न्यूक्लियर ट्रायड” का हिस्सा मानती है. यानी पनडुब्बी, मिसाइल और बॉम्बर के जरिए परमाणु हमला करने की क्षमता में इसकी बड़ी भूमिका है.

अमेरिका का सबसे भारी गैर-परमाणु बम GBU-57 भी केवल B-2 बॉम्बर ही ले जा सकता है. यह करीब 30 हजार पाउंड वजन का बम होता है. इसे Massive Ordnance Penetrator कहा जाता है. यह जमीन के सैकड़ों फीट नीचे बने बंकरों और गुप्त सैन्य ठिकानों को भी तबाह कर सकता है. ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों के भूमिगत परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इसी तरह के हथियारों की चर्चा होती रही है.

B-2 बॉम्बर की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह बिना दिखाई दिए हमला कर सकता है. इसकी स्टील्थ टेक्नोलॉजी आज भी दुनिया के कई देशों के लिए चुनौती बनी हुई है. चीन और रूस लगातार इसके मुकाबले की तकनीक विकसित करने में जुटे हैं, लेकिन अब तक अमेरिका की यह ताकत पूरी तरह अजेय मानी जाती है. यही कारण है कि जब भी दुनिया में तनाव बढ़ता है, B-2 बॉम्बर का नाम सबसे पहले सामने आता है.




