यह अनुबंध अमेरिका की समुद्री युद्ध क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उसके परमाणु प्रतिरोध (Nuclear Deterrence) को भी आने वाले कई दशकों तक मजबूत करेगा.
किन कंपनियों को मिला ठेका?
अमेरिकी सरकार ने यह अनुबंध दो प्रमुख रक्षा कंपनियों को दिया है. जनरल डायनेमिक्स इलेक्ट्रिक बोट (General Dynamics Electric Boat – GDEB) को 5 कोलंबिया क्लास पनडुब्बियों के निर्माण का ठेका दिया गया है. इसके अलावा वित्त वर्ष 2025 से 2029 के बीच बनने वाली 9 वर्जीनिया क्लास पनडुब्बियों का संयुक्त अनुबंध GDEB और HII-न्यूपोर्ट न्यूज शिपबिल्डिंग (HII-NNS) को दिया गया है. दोनों कंपनियों को पहले से चल रहे शिपयार्ड उत्पादकता (Shipyard Productivity) कार्यक्रमों के तहत भी सहायता दी गई है.
अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे समुद्री आधुनिकीकरण (Maritime Modernization) और समुद्री श्रेष्ठता (Maritime Supremacy) की दिशा में एक ऐतिहासिक निवेश बताया है.
अभी अमेरिकी नौसेना के पास कितनी परमाणु पनडुब्बियां हैं?
अमेरिकी नौसेना के पास इस समय 26 वर्जीनिया क्लास परमाणु हमला करने वाली पनडुब्बियां ऑपरेशनल सेवा में हैं. इसके अलावा इस नए अनुबंध के बाद 23 और वर्जीनिया क्लास पनडुब्बियां निर्माणाधीन या निर्माण के लिए तय हो चुकी हैं.
वहीं, इस नए अनुबंध के साथ अमेरिका की कुल 7 कोलंबिया क्लास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां अब अनुबंध के तहत आ चुकी हैं. ये पनडुब्बियां भविष्य में पुरानी ओहायो क्लास (Ohio Class) पनडुब्बियों की जगह लेंगी और अमेरिका के समुद्री आधारित परमाणु प्रतिरोध की मुख्य ताकत बनेंगी.
अमेरिका के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है यह सौदा?
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार यह निवेश नौसेना की अंडरसी वॉरफेयर (Undersea Warfare) क्षमता को नई ऊंचाई देगा. साथ ही यह अमेरिका के न्यूक्लियर ट्रायड (Nuclear Triad) के आधुनिकीकरण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है.
कोलंबिया क्लास पनडुब्बियां समुद्र से परमाणु मिसाइल दागने में सक्षम होंगी और अमेरिकी स्ट्रैटेजिक कमांड (USSTRATCOM) की जरूरतों को पूरा करेंगी.
दूसरी ओर वर्जीनिया क्लास पनडुब्बियां अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक, भारी हथियार ले जाने की क्षमता, लंबी दूरी तक हमला करने की ताकत और मल्टी-डोमेन युद्ध क्षमता से लैस होंगी.
नौसेना ने क्या कहा?
अमेरिकी नौसेना के डायरेक्टर, सबमरीन प्रोग्राम्स वाइस एडमिरल रॉबर्ट गौशर (Vice Adm. Robert Gaucher) ने कहा कि यह ऐतिहासिक निवेश अमेरिका की समुद्र के नीचे सैन्य श्रेष्ठता बनाए रखने और परमाणु प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दिखाता है.
उन्होंने कहा कि कोलंबिया और वर्जीनिया क्लास पनडुब्बियों का लगातार निर्माण सुनिश्चित करके अमेरिका दुनिया का सबसे घातक, सबसे सुरक्षित और सबसे टिकाऊ युद्धक प्लेटफॉर्म अपने वैश्विक कमांडरों को उपलब्ध कराता रहेगा.
उनके मुताबिक ये पनडुब्बियां अमेरिका के सहयोगी देशों का भरोसा मजबूत करेंगी, विरोधियों को रोकने का काम करेंगी और आने वाले कई दशकों तक प्रतिबंधित क्षेत्रों (Denied Areas) में भी युद्ध क्षमता बनाए रखेंगी.
दो बड़ी कंपनियां मिलकर बनाएंगी पनडुब्बियां
रक्षा विभाग ने कहा कि कनेक्टिकट के ग्रोटन स्थित GDEB और वर्जीनिया के न्यूपोर्ट न्यूज स्थित HII-NNS मिलकर दुनिया की सबसे आधुनिक और सबसे घातक अंडरसी युद्ध प्रणाली तैयार करेंगे.
कांग्रेस की भूमिका भी अहम
रक्षा विभाग ने कहा कि नौसेना की समुद्री ताकत बढ़ाने की यह योजना कांग्रेस से मिले वित्तीय समर्थन की वजह से संभव हो सकी है. विभाग ने बजट प्रक्रिया के दौरान आवश्यक फंड उपलब्ध कराने और रक्षा औद्योगिक आधार (Defense Industrial Base) को मजबूत करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस का आभार व्यक्त किया.
रक्षा खरीद में बड़ा बदलाव
अंडर सेक्रेटरी ऑफ वॉर फॉर एक्विजिशन एंड सस्टेनमेंट माइकल पी. डफी (Michael P. Duffey) ने कहा कि यह अनुबंध रक्षा खरीद प्रणाली में बड़े बदलाव का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि नौसेना और वाइस एडमिरल गौशर की टीम ने इस परियोजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है और इसी तरह अमेरिका अपने रक्षा औद्योगिक आधार को फिर से मजबूत कर रहा है.
कोलंबिया और वर्जीनिया क्लास क्यों हैं खास?
रक्षा विभाग के अनुसार कोलंबिया क्लास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी अमेरिका के न्यूक्लियर ट्रायड का सबसे सुरक्षित और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है. यही कारण है कि इसे रक्षा विभाग की सबसे बड़ी रक्षा खरीद प्राथमिकता (Number One Acquisition Priority) बताया गया है.
वहीं वर्जीनिया क्लास पनडुब्बियां अमेरिका की प्रमुख सामरिक हमला (Tactical Strike) और बहुउद्देश्यीय (Multi-Mission) पनडुब्बियां हैं, जो दुनिया के किसी भी समुद्री क्षेत्र में लंबे समय तक गुप्त रूप से अभियान चला सकती हैं.
अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि कोलंबिया और वर्जीनिया क्लास मिलकर किसी भी संभावित विरोधी के खिलाफ बेहद मजबूत रणनीतिक प्रतिरोध (Strategic Deterrence) तैयार करती हैं और सहयोगी देशों की सुरक्षा तथा वैश्विक स्थिरता के प्रति अमेरिका की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी मजबूत बनाती हैं.




