मंत्रालय के अनुसार, प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स की ओर यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की सिफारिशों और वैश्विक मानकों के अनुरूप है। उपयोगकर्ताओं को नई प्रणाली अपनाने के लिए पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से डब्ल्यूपीआई सीरीज को अगले पांच वर्षों तक जारी रखा जाएगा।
मंत्रालय के मुताबिक, मई में अखिल भारतीय डब्ल्यूपीआई आधारित महंगाई दर सालाना आधार पर 9.68 प्रतिशत रही, जबकि सभी वस्तुओं का सूचकांक बढ़कर 109.9 पर पहुंच गया। प्रमुख श्रेणियों में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर मई में बढ़कर 4.99 प्रतिशत हो गई।
वहीं, ईंधन और बिजली (फ्यूल एंड पावर) श्रेणी में महंगाई लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि विनिर्मित उत्पादों (मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स) की महंगाई दर इसी अवधि में बढ़कर 7.48 प्रतिशत दर्ज की गई।




