पाकिस्तान कर रहा था हिंदुओं का नरसंहार, निक्सन को मिला सीक्रेट मैसेज, तब अमेरिका ने क्या किया?


Richard Nixon News: 1971 की जंग में पाकिस्तान को अमेरिका का फुल सपोर्ट था. पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश में पाकिस्तान कत्लेआम मचा रहा था. पूर्वी पाकिस्तान में हिंदुओं का नरसंहार हो रहा था. सब जानते हुए भी अमेरिका मौन था. अव्वल तो पाकिस्तान की हर गलतियों पर अमेरिका पर्दा डाल रहा था. जी हां, अमेरिका को 1971 के नरसंहार की खबर थी. इसके बावजूद उसने पाकिस्तान की कार्रवाई की निंदा नहीं की. न ही उसे रोका. इसका खुलासा एक सीक्रेट टेप से हुआ है. जी हां, 1971 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिंजर के बीच हुई एक सीक्रेट बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट से पता चलता है कि अमेरिका ने अपने ही राजनयिक की ‘संभावित नरसंहार’ की चेतावनी के बावजूद पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई की निंदा करने से इनकार कर दिया था.

दरअसल, यह बातचीत 28 मार्च 1971 को रिकॉर्ड की गई थी. इसमें किसिंजर ने निक्सन को ढाका में अमेरिकी काउंसल आर्चर ब्लड के असहमति वाले संदेश के बारे में बताया था. उसमें उन्होंने बांग्लादेश यानी तब के पूर्व पाकिस्तान में आम नागरिकों की बड़े पैमाने पर हत्याओं की रिपोर्ट दी थी. बता दें कि उस वक्त पाकिस्तान के तानाशाह याह्या खान का राज था.

निक्सन और किसिंजर में क्या बात

  • ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, किसिंजर ने कहा, ‘हमें ढाका में हमारे काउंसल से एक संदेश मिला है. इसमें वे चाहते हैं कि हम पश्चिमी पाकिस्तानियों की कार्रवाई की निंदा करते हुए बयान जारी करें. लेकिन जाहिर है, हम ऐसा नहीं करेंगे.’
  • इसके बाद निक्सन ने सीधा जवाब दिया, ‘ओह, भगवान के लिए.’ इसके बाद किसिंजर ने उस राजनयिक को खारिज करते हुए कहा, ‘वो तो ऐसे ही लोगों में से एक है.’ जब निक्सन ने पूछा, ‘और वह कहता है ‘उनकी निंदा करें’?’ किसिंजर ने जवाब दिया, ‘हां, नरसंहार के लिए.’
  • निक्सन ने फिर काउंसल के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘अब उसे हटा दो. मैं चाहता हूं कि वह अपनी नौकरी से बाहर हो जाए.’

अमेरिका का दिखा पाक प्रेम

यह बातचीत साफ दिखाती है कि अमेरिका ने पाकिस्तान की कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से आलोचना न करने का फैसला लिया था. इससे साफ होता है कि अमेरिका ने तानाशाह याह्या खान को पूरी छूट दी थी. बाद में कॉल में निक्सन ने कहा, ‘मैं पाकिस्तान की तारीफ में बयान नहीं दूंगा, लेकिन हम इसकी निंदा भी नहीं करेंगे.’

किस डर से अमेरिका ने नहीं की निंदा

किसिंजर ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से स्टैंड लिया तो प्रतिक्रिया हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘अगर हमने ऐसा किया तो पश्चिमी पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी दंगे हो सकते हैं.’

ये ट्रांसक्रिप्ट ‘द किसिंजर टेप्स’ नामक एक नई किताब का हिस्सा हैं. इसे इतिहासकार टॉम वेल्स ने मार्च में प्रकाशित किया है. यह किताब 1969 से 1974 के बीच निक्सन प्रशासन के दौरान किसिंजर की सैकड़ों गुप्त रूप से रिकॉर्ड की गई टेलीफोन बातचीत पर आधारित है.

किस किताब का जिक्र

किताब में हजारों पन्नों के ‘टेलीकॉन्स’ का इस्तेमाल किया गया है. इन्हें नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव के नेतृत्व में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बरामद और डिक्लासिफाई किया गया. 2004 में 15,000 से ज्यादा पन्नों के ट्रांसक्रिप्ट जारी किए गए थे.

वेल्स लिखते हैं कि यह सामग्री ‘उनके कार्यकाल का व्यापक दृश्य प्रस्तुत करती है’ और उस दौर के प्रमुख फैसलों और विवादों पर रोशनी डालती है, जिसमें सहयोगी देशों द्वारा किए गए मानवाधिकार उल्लंघनों पर अमेरिका की प्रतिक्रिया भी शामिल है.

1971 में पूर्वी पाकिस्तान की घटनाओं ने एक मानवीय संकट को जन्म दिया और बाद में भारत के सैन्य हस्तक्षेप के बाद बांग्लादेश का निर्माण हुआ. अनुमान है कि इस संघर्ष में लाखों आम नागरिक मारे गए थे.



Source link

Latest articles

spot_imgspot_img

Related articles

spot_imgspot_img